अस्कोट में अधूरी पड़ी सिंचाई टंकी
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लघु सिंचाई विभाग की ओर से ग्राम पंचायत मोगरु से पोखरी के लिए बनाई जा रही सिंचाई गूल का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। योजना मद में बजट न होने के कारण गूल आधे से भी कम बन पाई है। सिंचाई टैंक और गूल के लिए जमीन देने वाले किसानों को भी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया है। क्षेत्र के लोगों ने गूल का काम पूरा न होने और मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लघु सिंचाई विभाग की ओर से मोगरु से पोखरी के लिए पांच लाख रुपये की लागत से 400 मीटर सिंचाई गूल और टैंक का निर्माण कार्य किया जाना था, लेकिन योजना मद में बजट न होने के कारण ठेकेदार ने 165 मीटर सिंचाई गूल का निर्माण कर आगे का काम रोक दिया। जो गूल बनी थी, वह भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सिंचाई टैंक के लिए देवल निवासी किसान गोपाल सिंह कार्की ने एक नाली भूमि दी थी, जिसका मुआवजा भी उसे नहीं मिला है। कार्की जमीन के मुआवजे के लिए कई बार विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन विभाग संबंधित ठेकेदार और किसान के आपसी अनुबंध का हवाला दे रहा है।
देवल के ग्राम प्रधान त्रिलोक राम, सरपंच मोहन पाल ने कहा कि सिंचाई टैंक, गूल के निर्माण से क्षेत्र के कई किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। कई किसानों ने अपनी जमीन सिंचाई गूल बनाने के लिए दी थी, लेकिन अब तक उनको उनकी जमीन का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करेंगे।
उधर, लघु सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता दिनेश पांडेय का कहना है कि योजना मद में बजट न होने के कारण कार्य रुका है। बजट आने पर आगे का काम किया जाएगा। जमीन का मुआवजा देने की बात पर उन्होंने कहा कि किसानों का विभाग से जमीन से संबंधित कोई अनुबंध नहीं हुआ है। यह किसान और ठेकेदार का आपसी मामला है।