गाथा थियेटर ग्रुप के निदेशक भूपेश जोशी
- फोटो : अमर उजाला
गाथा थियेटर ग्रुप दिल्ली के निदेशक भूपेश जोशी का कहना है कि थियेटर के प्रति युवा पीढ़ी की रुचि बढ़ रही है। दिल्ली जैसे महानगर में अब तकनीकी शिक्षा ले रहे नौजवान रंगमंच के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। साहित्य और नाटकों के प्रति हाल के दिनों में रुझान बढ़ा है। वह कहते हैं कि यह अच्छा संकेत तो है, लेकिन नई पीढ़ी के लोग शार्टकट अपनाने में ज्यादा विश्वास करते हैं। ऐसे में नई पीढ़ी का थियेटर के प्रति कितना समर्पण होगा कहा नहीं जा सकता।
अपने गृह क्षेत्र पिथौरागढ़ पहुंचे भूपेश जोशी ने कहा कि 90 के दशक में थियेटर ने अच्छी धाक जमाई थी, लेकिन बीच के वर्षों में थियेटर के प्रति रुझान कम हुआ था। अब यह अच्छा संकेत कहा जा सकता है कि नौजवानों की रुचि फिर से थियेटर के लिए बढ़ रही है। श्री जोशी इस समय श्रीराम सेंटर दिल्ली के विजिटिंग डायरेक्टर भी हैं। वह स्टार प्लस में प्रसारित होने वाले ‘दहलीज’ नाटक में प्रकाश यादव की भूमिका निभा रहे हैं।
भारतेंदु नाट्य अकादमी से रंगमंच की शिक्षा प्राप्त करने के बाद भूपेश जोशी दिल्ली में सक्रिय हो गए। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और संगीत नाटक अकादमी के वर्कशॉपों में निदेशक के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रंगमंच का स्कोप बहुत अधिक है। यहां की पुरानी लोककथाओं को भी रंगमंच का रूप दिया जा सकता है। वह इस दिशा में काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में रंगमंच के प्रति चेतना अन्य स्थानों की तुलना में ज्यादा है। इसको जल्दी ही मूर्त रूप दिया जाएगा।