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एबी निगेटिव ग्रुप वाले पिथौरागढ़ में सिर्फ पांच ब्लड डोनर

Mon, 13 Jun 2016 10:51 PM IST
दीपक उप्रेती / पिथौरागढ़।
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 एबी निगेटिव ग्रुप के ब्लड को रेयरेस्ट (दुर्लभ) माना जाता है। इस ग्रुप के रक्तदाता पिथौरागढ़ जिले में सिर्फ पांच हैं। इस ग्रुप का ब्लड अमूमन नहीं मिलता। हालांकि ऐसे ग्रुप वाले मरीज और जरूरतमंद बहुत कम आते हैं। एबी निगेटिव ग्रुप को इसी ग्रुप के अलावा एबी पॉजिटिव ग्रुप में भी चढ़ाया जा सकता है। पिथौरागढ़ ब्लड बैंक हर महीने 250 यूनिट ब्लड एकत्र करता है। इसे जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सेना अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में जरूरतमंदों को भेजा जाता है। अब चंपावत में ब्लड कलेक्शन सेंटर खुलने वाला है। वहां की पूर्ति करने में यहां का ब्लड बैंक सक्षम है।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने अपने प्रयासों से इस जिले में कई ब्लड डोनर तैयार किए हैं। वह एनएसएस कैंपों, एनसीसी के कैडेट्स के अलावा एसएसबी, आईटीबीपी के जवानों के बीच जाकर समय समय पर रक्त जमा करते हैं। कुछ लोग तो उन्होंने ऐसे तैयार किए हैं जो किसी भी स्थिति में ब्लड देने को तैयार रहते हैं। वह कहते हैं कि रक्तदान के मामले में यह जिला सबसे आगे है। कई बार इसकी सराहना भी हुई है। वह बताते हैं कि बी पॉजिटिव, ए पॉजिटिव, ओ पॉजिटिव रक्त की सबसे अधिक मांग रहती है। इस ग्रुप के रक्तदाता आसानी से मिल जाते हैं। ओ निगेटिव को वह यूनिवर्सल ग्रुप बताते हैं। इसे किसी भी ग्रुप में चढ़ाया जा सकता है।


आज गंगोलीहाट में लगेगा कैंप
पिथौरागढ़। विश्व रक्तदान दिवस पर मंगलवार को गंगोलीहाट में कैंप लगेगा। इसमें कई नौजवान रक्तदान करेंगे। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सुबह जिला मुख्यालय से टीम गंगोलीहाट जाएगी और कैंप लगाएगी। उम्मीद है कि इस कैंप में कई यूनिट ब्लड एकत्र हो जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कैंप में आने को कहा है।
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ब्लड ग्रुप का रिकार्ड होता है तैयार
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ ब्लड बैंक में हर रक्तदाता के ब्लड ग्रुप का रिकार्ड, उसका मोबाइल नंबर, पिछली बार कब रक्तदान किया आदि रखा जाता है। कई बार बड़ी संख्या में लोग रक्तदान को पहुंच जाते हैं। यदि सभी से रक्तदान कर पाना संभव नहीं हुआ तो उनके रिकार्ड को रख दिया जाता है। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाया जा सके।
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