सड़क कटिंग का कार्य करती बीआरओ 67 आरसीसी ग्रिफ की जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
चीन सीमा से जुड़े दारमा घाटी के ग्राम तिदांग-गो-बिदांग शीघ्र ही सड़क से जुड़ जाएंगे। 10 से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर माइनस 5-15 डिग्री सेल्सियस तापमान में बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रिफ नवंबर तीसरे सप्ताह से सड़क कटिंग का कार्य कर रही है। बीआरओ की 67 आरसीसी के जेई उमाशंकर, मधु शाही, नौ कर्मचारी और 50 स्थानीय मजदूर तीन पोकलेन, एक जेसीबी, विल लोडर, दो लोडर की मदद से नवंबर के तीसरे सप्ताह से अब तक लगभग दो किमी सड़क कटिंग कर चुके हैं। कुछ दिनों में ग्राम गो भी सड़क से जुड़ जाएगा।
बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि कुल 25 किमी सड़क का कार्य होना है। केंद्र सरकार से पहले चरण में 10 किमी सड़क की अनुमति मिली है। सड़क कटिंग पूरी हो जाने पर ग्राम गो, तोक खिमलिंग के ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों को भी सुविधा मिलेगी।
77 करोड़ की लागत से तिदांग, गो-बिदांग के लिए 10 किमी सड़क कटिंग का कार्य चल रहा है। इस पर धौलीगंगा में दो करोड़ की लागत का एक बेली ब्रिज का निर्माण भी होना है।
- सौरभ कुमार, ओसी 67 आरसीसी ग्रेफ धारचूला।
पहली बार वाहन से पहुंचेंगे गांव
धारचूला में ग्राम गो के ग्रामीण इस वर्ष मई-जून के माइग्रेशन के दौरान पहली बार अपने गांव वाहनों से पहुंच पाएंगे। दारमा संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन ग्वाल और गो ग्राम प्रशासक मुकेश ग्वाल ने खुशी जताते हुए बताया कि कुछ दिनों में उनका गांव भी सड़क से जुड़ जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए 500 मीटर सड़क कटिंग का कार्य शेष है। सड़क बनने से गांव की एक हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। 10 किमी सड़क बन जाने से 1962 के चीन-भारत युद्ध से खाली हुए ग्राम गो के तोक खिमलिंग के खम्पा समुदाय की वापसी हो पाएगी।