पिथौरागढ़। सूखे पेड़ को काटने की अनुमति की आड़ में दुर्लभ प्रजाति के हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुनस्यारी के माझिया में तीन शातिर लोगों ने अनुमति का फायदा उठाकर सुरई के दो हरे पेड़ों को अवैध रूप से काट डाला। वन कर्मियों के निरीक्षण के दौरान इस कारनामे का खुलासा हुआ जिसके बाद कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, समकोट निवासी सुंदर सिंह पुत्र स्व. देव सिंह ने घरेलू उपयोग के लिए वन विभाग से सुरई का सूखा पेड़ काटने की अनुमति मांगी। वन विभाग ने अनुमति दे दी। जब वन कर्मी निरीक्षण के लिए संबंधित जगह पहुंचे तो सुंदर सिंह का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया। जंगल में सूखे पेड़ की अनुमति की आड़ में दुर्लभ सुरई के दो हरे पेड़ काटकर गिराए गए थे।
जांच में सामने आया कि सुंदर सिंह ने अपने दो साथी समकोट निवासी बलवंत सिंह पुत्र चंद्र सिंह और हुकुम सिंह पुत्र हयात सिंह के साथ मिलकर सुरई के हरे पेड़ों पर आरी चला दी। तीनों सुरई के तख्ते-बल्लियां बनाकर इन्हें ऊंचे दामों में बेचकर मुनाफा कमाने की फिराक में थे। वन विभाग ने अवैध रूप से काटी गई लकड़ी, कुल्हाड़ी कब्जे में लेकर इसे जब्त किया।
डीएफओ आशुतोष सिंह ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से पेड़ों को काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।