लोहाघाट(चंपावत)। विकास खंड के नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ में हरेला पर्व पर विशाल मेला आयोजित हुआ। इस दौरान बिंडा तिवारी गांव से ब्रह्म देवता की डोला यात्रा निकली। हजारों लोगों ने डोला यात्रा में भाग लेकर ब्रह्म देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
बृहस्पतिवार को ब्रह्म देव मंदिर में सुबह से ही पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया। ब्रह्म खल में देव गद्दी लगी, जहां देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण कर आशीर्वाद दिया। देव डांगर श्रद्धालुओं के साथ खाली रथ के साथ जवानी गढ़ के बाद ढुंगाबोरा तक गए। जहां पर हुल्का देवी का मायका बताया जाता है।
ब्रह्म देव का शृंगार करने के बाद श्रद्धालु देव डांगर को कंधे में लेकर जवानी गढ़ तक लाए। जिसके बाद रथ में सवार ब्रह्मदेवता अपने गण और श्रद्धालुओं के साथ करीब ढाई किमी. की सीधी चढ़ाई पार करते हुए ब्रह्म देव मंदिर में आए। जहां उन्होंने लोगों को आशीर्वाद दिया। रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
हजारों की भीड़ में हर ओर का माहौल भक्तिमय हो गया। डोला यात्रा के मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही दो दिनी हरेला महोत्सव का समापन हुआ। मेले में दिगालीचौड़, बिंडा तिवारी, ढुंगा, चौंडला, नाकोट खोलिया, पटौली, खिलपिती, मानाढुंगा, बांकू, कमलेडी आदि स्थानों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। यहां आयोजित मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का व्यापक बंदोबस्त किया गया था।
इस दौरान पूर्व प्रधान मोनू बिष्ट, पूर्व प्रधान हरि सिंह अधिकारी, प्रधान लक्ष्मण सिंह भंडारी, सुरेश तिवारी, फते सिंह भंडारी, टीका राम तिवारी, कैलाश तिवारी, नवीन तिवारी, मुकेश तिवारी, सतीश उप्रेती, नितिन, पंकज, दीपू, मनोज, पीयूष, अमित, सूरज भंडारी मौजूद रहे।