राजकीय शिक्षक संघ ने प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर सोमवार को यहां मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने पर राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष कृपाल सिंह मेहता भी बैठे। शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर गौर नहीं कर रही है। इसी कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने प्रवक्ता पद पर प्रमोशन की सूची जारी करने, उपार्जित अवकाश का लाभ देने, ब्लाक संसाधन केंद्र और संकुल संसाधन केंद्रों में नियुक्ति करने, रमसा और सर्वशिक्षा अभियान वाले शिक्षकों को समय पर वेतन देने, वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पेंशन का लाभ देने, स्पष्ट स्थानांतरण बनाने जैसी मांग की गई। राजकीय शिक्षक संघ ने पिछले दरवाजे से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के प्रयास का विरोध करने का फैसला लिया है।
संगठन के जिला महामंत्री महेश प्रसाद उपाध्याय के संचालन में हुई सभा में उपाध्यक्ष आनंद सिंह रावत, महिमन दिगारी, हिमांशु चौहान, नूतनकृष्ण पांडे, भूपेंद्र चौहान, प्रवीण रावल, भास्करानंद जोशी, राजेंद्र शाही, मोहन जोशी, नीरज जोशी, नीरज ओझा, हरीश बिष्ट, डीएन जोशी, मुकेश उपाध्याय, किशोर पाटनी, चंद्र सिंह चिराल, हरीश पाठक, संजय राज, भूपाल सिंह चुफाल, विक्रम दिगारी, श्याम सुंदर बिष्ट आदि ने विचार रखे। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल आफीसर्स एसोसिएशन ने विण में कार्यरत प्रधान सहायक का उच्चाधिकारियों द्वारा उत्पीड़न करने के खिलाफ मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष ज्योति कुमार पांडे, उपाध्यक्ष सौरभ चंद, प्रांतीय प्रचार मंत्री कमल किशोर, जिला मंत्री जयंत कुमार भट्ट का कहना है कि विण के प्रधान सहायक पर अधिकारी अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। मंडलीय संयुक्त सचिव राजेंद्र राणा ने कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति को सहन नहीं किया जाएगा।