पिथौरागढ़। जिले में धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग की महिलाओं के जटिल ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। सामान्य प्रसव तो आसानी से हो जाते हैं लेकिन जटिल प्रसव के दौरान गर्भवती को हायर सेंटर पिथौरागढ़ महिला अस्पताल ही आना पड़ता है। इन अस्पतालों में गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूर होकर महिलाओं को पिथौरागढ़ ही आना पड़ता है।
जिले के धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग की गर्भवतियों को प्रसव के लिए संघर्ष करना पड़ता है। दो बार अल्ट्रासाउंड के लिए जिला महिला अस्पताल आना पड़ता है। इसमें समय के साथ ही उन पर आर्थिक भार भी पड़ता है। इन क्षेत्रों में प्रसव का अधिकांश जिम्मा नर्सिंग अधिकारियों पर ही रहता है। सीएचसी में प्रसव के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। कई बार जटिल स्थिति में जच्चा-बच्चा बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रसव के लिए अधिकांश विकासखंड की गर्भवतियों के साथ ही नेपाल से भी प्रसव के लिए महिलाएं आती हैं। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि पिथौरागढ़ महिला अस्पताल से विषम परिस्थिति में गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
न्यू बोर्न केयर यूनिट पिथौरागढ़
पिथौरागढ़। जिले में बच्चों के लिए स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट एकमात्र पिथौरागढ़ में है। ऐसे में ज्यादातर परिवारों के लिए प्रसव पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में कराना प्रमुखता रहती है। यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। पिथौरागढ़ में सामान्य प्रसव के साथ ही सिजेरियन ऑपरेशन की सभी व्यवस्थाएं हैं।
117 ग्राम पंचायतों की महिलाएं जिला अस्पताल पर निर्भर
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद हमेशा खाली रहा। एमबीबीएस डॉक्टर ही प्रसव कराते हैं। पिछले दो साल में गर्भवतियों को अधिकतर मामलों में प्रसव के समय रेफर कर दिया जाता है। विकासखंड में नगर पंचायत के अलावा 117 ग्राम पंचायत हैं। दूरस्थ क्षेत्र से प्रसव के दौरान गर्भवती को सीएचसी लाया जाता है लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें उपचार नहीं मिल पाता है और उन्हें जिला अस्पताल ही रेफर करना पड़ता है।
अल्मोड़ा जाने के लिए मजबूर
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। गणाई गंगोली क्षेत्र की गर्भवतियों को प्रसव के लिए अल्मोड़ा या बेड़ीनाग ले जाते हैं। ज्यादातर गर्भवतियों को प्रसव के लिए 80 किमी दूर अल्मोड़ा ले जाया जाता है।
धारचूला, मुनस्यारी की गर्भवती सबसे अधिक मुश्किल में
पिथौरागढ़। जिले में आपदाग्रस्त धारचूला और मुनस्यारी की गर्भवतियों को प्रसव के दौरान सबसे अधिक मुश्किल होती है। कई जगह सड़क नहीं होने के कारण डोली से उन्हें सड़क तक लाना पड़ता है।
जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ के छह पद खाली
पिथौरागढ़। जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ के नौ पद स्वीकृत हैं। जिला महिला अस्पताल को छोड़कर कहीं भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। संयुक्त चिकित्सालय धारचूला में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत हैं। डीडीहाट, गंगोलीहाट, मुनस्यारी, बेडीनाग में एक-एक पद स्वीकृत है लेकिन इन अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त है। ऐसे में गर्भवती और सामान्य महिलाओं को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
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एक माह में 214 प्रसव
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में एक माह में कुल 214 प्रसव हुए हैं। सामान्य प्रसव 131 और सिजेरियन प्रसव 83 हैं। 108 में 25 अगस्त से एक सितंबर तक 10 प्रसव हुए हैँ। जिसमें अधिकतर प्रसव स्वास्थ्य केंद्र से रेफर महिलाओं के हुए हैं। जिले भर में आठ मिस कैरेज होने के साथ ही दो गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है। संवाद
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जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ के नौ पद स्वीकृत हैं। जिला महिला अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इसके अलाव सरकार से दो अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ मिले हैं लेकिन ब्लॉक स्तर पर कहीं भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है।
- डॉ. एचसी ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।