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पिथौरागढ़ को नगर निगम बनाने के लिए शासन ने प्रस्ताव मांगा

Sat, 20 May 2017 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ शहर का नजारा, इसे नगर निगम बनाने की तैयारी है - फोटो : amar ujala
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पिथौरागढ़ नगरपालिका को उच्चीकृत कर नगर निगम का दर्जा देने के लिए प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग ने प्रस्ताव मांग लिया है। इस प्रस्ताव पर नगरपालिका पहले बोर्ड की बैठक में चर्चा करेगी। यदि सभी सभासदों की सहमति बनती है तो फिर इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। नगर निगम बनने पर इसमें आसपास के कई और गांव मिलाए जाएंगे। वर्ष 2014 में भी नगर निगम बनाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन सभासदों की असहमति के कारण यह प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया। पिछले दिनों राज्य कैबिनेट की बैठक में पिथौरागढ़ को नगर निगम का दर्जा देने का फैसला हुआ था।
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पिथौरागढ़ नगरपालिका क्षेत्र में इस समय 15 वार्ड हैं और 2011 की जनगणना के अनुसार नगर क्षेत्र की आबादी 56044 थी। इन वर्षों में आबादी कुछ और बढ़ गई है। नगरपालिका क्षेत्र में पिछले दिनों कुछ गांवों को मिलाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन इसका ग्रामीणों ने विरोध कर दिया था। सिलपाटा समेत अन्य गांवों के लोग नगरपालिका में शामिल नहीं होना चाहते।

नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी खीमानंद जोशी ने बताया कि शहरी विकास सचिव की ओर से उनको इस आशय का पत्र मिला है कि पिथौरागढ़ को नगर निगम का दर्जा देने के लिए उसमें कितने और गांव शामिल किए जाएं, इसकी सूची तैयार कर दें। ईओ का कहना है कि पालिका बोर्ड की बैठक में चर्चा के बाद ही इस प्रस्ताव पर कोई सहमति बन पाएगी।
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विरोध के कारण नहीं बनी मुनस्यारी नगर पंचायत
मुनस्यारी। ग्रामीणों के विरोध के कारण शासन को मुनस्यारी नगर पंचायत की अधिसूचना को वापस लेना पड़ा था। अधिसूचना जारी होने के बाद करीब एक वर्ष तक मुनस्यारी नगर पंचायत का प्रस्ताव अटका रहा। आखिरकार सरकार ने नगर पंचायत गठन की कोई संभावना न देखते हुए अधिसूचना को खारिज कर दिया था। फिलहाल मुनस्यारी को नगर पंचायत का दर्जा देने संबंधी प्रयास भी अटक गए हैं।
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