जिले के अधिकांश भागों में बारिश होने से जंगलों की आग बुझने में राहत मिली, लेकिन तल्ला जोहार के ऊपरी रामगंगा घाटी में बारिश नहीं होने से जंगलों में आग भड़कती जा रही है। आग लगने से क्षेत्र में धुंध छाई है। बुधवार को मुनस्यारी वन रेंज के वन पंचायत गूटी, पोर्थी, खुनखुनियां के वन धू-धू कर जलते रहे। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया, अगर आग बुझाने का प्रयास नहीं किया गया तो आग के देर रात तक डीडीहाट वन रेंज के घनधूरा जंगल तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि घनधूरा जंगल का आधा भाग पहले ही आग की चपेट में आ चुका है। शेष हिस्से में नुकसान हो सकता है।
इस बार वसंत ऋतु में क्षेत्र के जंगलों में हरियाली की जगह कालापन दिखाई दे रहा है। चारों ओर धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। लोग जंगलों से उठ रहे प्रदूषित धुएं को लेकर परेशान हैं, क्षेत्र में बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ रहा है। इलाके में सूखा और गर्मी बढ़ने से जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। उधर, बागेश्वर जिले के कनोली वन पंचायत से सटे जंगलों में भी आग का प्रकोप बढ़ा है, इन जंगलों में कई दिनों से धुआं उठता दिखाई दे रहा है। इलाके के जंगल महीने भर से जल रहे हैं, लेकिन विभाग अब भी मूक बैठा है।