पिथौरागढ़ में सराफा की दुकान में लगी ग्राहकों की भीड़
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नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से मंदी की मार झेल रहे पिथौरागढ़ के सराफा बाजार में धनतेरस पर रौनक लौट आई। अब अगले महीने से विवाह के लगन शुरू हो जाएंगे। इस कारण गहनों की बिक्री अब शुरू हो चुकी है। सराफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी के सिक्कों की बिक्री ठीकठाक रही। महालक्ष्मी से दिन सिक्कों के पूजन की परंपरा है। महालक्ष्मी का पूजन करते समय महिलाएं आभूषण पहनती हैं। इस कारण चांदी और सोने के हार, कानों की बालियां, झुमके की बिक्री भी बढ़ी है। व्यापारियों ने बताया कि जीएसटी में दो लाख रुपये तक के आभूषण खरीदारी में पेनकार्ड की बाध्यता समाप्त होने का फायदा व्यापारियों को मिला। धनतेरस पर सराफा कारोबार करोड़ों में होने का अनुमान है। अलबत्ता अभी व्यापारी इसका सही आंकड़ा दे पाने की स्थिति में नहीं हैं।
पुरानी बाजार स्थित सराफा बाजार के व्यापारी दीपक वर्मा ने कहा कि धनतेरस को सराफा बाजार ठीक रहा। महिलाओं की मांग सोने के हल्के जेेवर की ज्यादा थी। इस दौरान चांदी से बनी मां लक्ष्मी एवं गणेश के सिक्के और मूर्तियों की भी विशेष मांग रही। व्यापारी यश चौधरी ने कहा कि महिलाओं ने कान के झुमके और हार की ज्यादा मांग की। व्यापारी सचिन वर्मा ने कहा कि जीएसटी के संशोधन में दो लाख रुपये तक की खरीदारी पर आधार कार्ड और पेनकार्ड की बाध्यता समाप्त होने का फायदा व्यापारियों को मिला।
पुराना बाजार के आभूषण निर्माता अभय वर्मा ने कहा कि ग्राहकों का धनतेरस को मुख्य जोर सोने और चांदी के सिक्कों की खरीदारी पर था। हर आय वर्ग की समर्थ के अनुसार सिक्के तैयार किए गए थे। ग्राहकों ने खासकर पांच से पचास ग्राम तक चांदी के सिक्के और चार से आठ ग्राम तक सोने के सिक्कों की मांग की। एक अन्य आभूषण व्यवसायी दिगंबर वर्मा ने कहा कि धनतेरस और दीपावली पर महिलाएं विशेष रूप से तैयारी करती हैं और उनकी खरीदारी दीपावली के साथ ही घर के काम आने वाली सामग्री और आने वाले वैवाहिक सीजन को लेकर भी होती है।
यही कारण है कि धनतेरस के दिन महिलाओं ने जमकर वैवाहिक आभूषणों की बुकिंग भी करवाई है। वहीं पुरुषों ने दीपावली पर सोने को निवेश मानते हुए खरीदारी को महत्व दिया है। पुरुषों ने सोने-चांदी के सिक्कों के साथ ही सोने से बनी भगवान की मूर्तियां, सोने की चेन की खरीदारी की।