डीडीहाट में रामलीला की तालीम लेती छात्राएं
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डीडीहाट की रामलीला 52वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। पांच वर्षों से रामलीला में महिला पात्रों का किरदार छात्राएं निभाती हैं। शुरुआत में महिला किरदार निभाने में छात्राओं को झिझक हुई, लेकिन अब तालीम में वह खुद ही आगे आने लगी है। अल्मोड़ा, गंगोलीहाट, मुनस्यारी के रागों को रामलीला में शामिल किया गया है।
नवरात्र के साथ ही बुधवार से क्षेत्र में रामलीला का मंचन होगा। सीता का किरदार रश्मि जोशी निभा रही हैं। इसके अलावा आयुषी, हर्षिता, मोनिका और सोनिया कौशल्या, कैकेई, सुुमित्रा, सीता की सखी, सुलोचना, सूर्पणखा आदि का किरदार निभाएंगी। शुरुआत में छात्राओं को रामलीला मंचन में झिझक हुई। रामलीला कमेटी की ओर से अभिभावकों को जागरूक करने के बाद अब छात्राएं मंचन के लिए खुद ही आगे आने लगी हैं। रामलीला के मास्टर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि महिला पात्र राग-विहाग को बखूबी गाती हैं।
अल्मोड़ा हुक्का क्लब और गंगोलीहाट के रागों में रामलीला लिखी गई है। केवट-राम संवाद मुनस्यारी से लिया गया है। रामलीला मंचन में साउंड इफैक्ट पर विशेष जोर दिया जाता है। बाली-सुग्रीव की लड़ाई का सजीव मंचन गरारी, तार के माध्यम से हवा में किया जाता है। रामलीला में उड़ता हनुमान भी बेहद आकर्षक होता है। रामलीला देखने के लिए दूरदराज के गांवों से भी लोग पहुंचते हैं।