पिथौरागढ़। नगर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिंठ्यूड़ा में पिछले दो दिनों से छात्राएं अजीबोगरीब हरकतें कर रही हैं। डॉक्टरी भाषा में इसे मास हिस्टीरिया कहते हैं। चंपावत और बागश्वर के बाद पिथौरागढ़ के स्कूल में ये मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि देव डांगरों के टीका लगाने और मेडिकल टीम की काउंसलिंग के बाद छात्र-छात्राएं ठीक हो पाई हैं। छात्राओं के अजीबोगरीब हरकत से अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में कतरा रहे हैं।
शुक्रवार को लिंठ्यूड़ा में स्कूल खुलने के बाद यहां अध्ययनरत चार अन्य छात्राएं बृहस्पतिवार की तरह फिर कांपने लगीं। विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका सावित्री मेहता और द्रोपदी पुनेठा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टीम ने छात्राओं की काउंसलिंग की जिसके बाद सभी सामान्य हो गईं। बताया गया कि एक दिन पहले भी ऐसा ही हुआ था तब शिक्षिकाओं की सूचना पर स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने देव डंगरिए बुलाए थे जिन्होंने बच्चों को भभूत लगाया और अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। इसके बाद बच्चे ठीक हो गए थे। लगातार दो दिन इस तरह की घटना से अभिभावक सहमे हुए हैं। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि उन्हें इस तरह की जानकारी नहीं है। इस बारे में मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया का कहना है कि विद्यालय में जाकर छात्राओं की काउंसलिंग की जाएगी।
मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट का कहना है कि इसे मास हिस्टीरिया कहा जाता है। डर या किसी अन्य कारण से यदि कोई एक बच्चा ऐसी हरकतें करता है तो अन्य बच्चे भी उसी तरह से हरकतें करने लगते हैं। यदि ऐसा होता है तो ऐसी हरकत करने वाले बच्चों को सामान्य बच्चों से अलग कर देना चाहिए, ताकि अन्य बच्चे भी उसी तरह हरकत न करने लगें। यह मास हिस्टीरिया है, भूत-प्रेत जैची कोई बात नहीं। किसी तरह की भ्रांति नहीं फैलाई जानी चाहिए। पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। शनिवार को बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी। -