ऐतिहासिक जौलजीबी मेले में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम मची है। मेले की चौथी शाम लोक कलाकारों ने संस्कृति से सराबोर कार्यक्रमों की झड़ी लगी दी।
कार्यक्रम संचालक लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने लोक गायक पप्पू कार्की की याद में ‘गिरगांव बटि गयो बेटुलीधार मा’ गीत गाकर उन्हें याद किया। कहा कि पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की को मेले में लाने का प्रयास किया जाएगा। पुष्कर महर एंड पार्टी, बेबी प्रियंका, सागर कुमार एंड पार्टी ने मंच पर एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
पुलिस में कार्यरत सूरज ग्वासीकोटी और उनकी टीम ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए ‘चेलि नि मारो दाज्यू’ गीत प्रस्तुत किया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही। आने वाले दिनों में नेपाल के लोक कलाकार मेले में नेपाली संस्कृति की झलक दिखाएंगे। अतिथियों के रूप में कांग्रेस नेत्री शकुंतला दताल, जानकी बुर्फाल, भाजपा नेत्री लीला बनग्याल मौजूद थीं। संचालन लक्ष्मण बिष्ट, कररन थापा, शंकर दत्त भट्ट ने किया है।
परवान चढ़ने लगा जौलजीबी का व्यापारिक मेला
जौलजीबी/धारचूला। जौलजीबी मेले की पहचान मुख्य रूप से व्यापारिक मेले के रूप में है। ज्यों-ज्यों दिन आगे बढ़ रहे हैं, मेले में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेले में व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत-तिब्बत व्यापार के तहत चीन से लाए गए जैकेट, पैंट, फाइबर की रजाई, हस्तनिर्मित पंखी, दन, थुलमा के साथ ही रिंगाल, लकड़ी के उत्पादों से बनी वस्तुओं की जमकर खरीदारी हो रही है। जौलजीबी के मेले में चीन का सामान सस्ता होने की वजह से दूर-दूर से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ब्यूरो
जौलजीबी में विधिक शिविर 21 को
जौलजीबी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण 21 नवंबर को जौलजीबी मेले में विधिक शिविर का आयोजन करेगा। लोगों से शिविर में प्रतिभाग कर लाभ उठाने की अपील की गई है। ब्यूरो
मेले में महिला किसानों ने लगाए स्थानीय उत्पादों के स्टाल
जौलजीबी (पिथौरागढ़)। अंतरराष्ट्रीय जौलजीबी मेले में आरकल एक्शन एड के सहयोग से महिला किसान संगठनों द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टाल लगाया गया। स्टाल में जैविक खाद से उत्पादित मडुवा, भट्ट एवं सोयाबीन, मक्का का आटा, ओखली में कूटा चावल, हल्दी, अदरक, गडेरी, तिल और हरी सब्जियों को रखा गया है। महिला किसान संगठन देवल धारचूला, कालिका, तल्लागांव, गैरागांव, ढुंगातोली, हुड़की, संगलतड़, किमखोला, भगतिरवा, चिफलतरा की महिलाओं की ओर से इसमें भागीदारी की जा रही है। इनमें भागीरथी देवी, रूपा देवी, बिंदु देवी, पूर्णिमा देवी, बसंती देवी, कलावती देवी, नंदी देवी, बसंती देवी आदि महिलाएं शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि जैविक उत्पादों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।