जर्जर हालत में पहुंचा जीआईसी नाचनी का भवन
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कहीं शिक्षकों के अभाव में स्कूलों का संचालन नहीं होता है तो कहीं जर्जर भवन स्कूल प्रशासन को डरा दे रहा है। ये नजारा मुख्यमंत्री हरीश रावत के विधानसभा क्षेत्र में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज नाचनी का है। गिरने के कगार पर पहुंचे भवन के कारण शनिवार को बारिश के बीच प्रधानाचार्य को चार कक्षाओं की छुट्टी करानी पड़ी। इस स्कूल में 365 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
जीआईसी नाचनी का भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। स्कूल भवन के 7 कमरों की छत में लगी लकड़ी टूट गई है। इन कमरों में बारिश का पानी आता है। स्कूल भवन में दरार पड़ी है। शनिवार को इलाके में जबरदस्त बारिश हो रही थी। बच्चे स्कूल पहुंच गए, लेकिन प्रधानाचार्य जीआर आर्या ने खतरे को गंभीरता से लेते हुए स्टाफ के साथ चर्चा के बाद कक्षा 6 से 9 तक की कक्षाओं को छुट्टी देने का निर्णय लिया।
इसके बाद इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी गई। इलाके के लोगों का कहना है-अरे महाराज रमसा, सर्व शिक्षा कैं बटि त स्कूल भव्यनिक मरम्मत लिजि धन दी दियो। (अरे महाराज (सरकार-शिक्षा विभाग) रमसा, सर्व शिक्षा या कहीं से तो स्कूल भवन की मरम्मत के लिए धन दे दो)
थल-मुनस्यारी मुख्य सड़क पर स्थित इस स्कूल भवन की मरम्मत पिछले 10 साल से नहीं हुई है। भवन के 13 कमरों में से 7 कमरे कक्षा संचालन लायक नहीं रह गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश बथियाल कहते हैं कि क्षतिग्रस्त स्कूल भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। सरकार, शिक्षा विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानाचार्य बताते हैं कि स्कूल भवन की मरम्मत के प्रस्ताव लंबे समय से उच्चाधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। उधर, एसडीएम कौस्तुब मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इस स्कूल का निरीक्षण किया था, इसमें स्कूल की हालत जर्जर मिली है। स्कूल भवन की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है।
आज होगी अभिभावकों की बैठक
नाचनी जीआईसी भवन की जर्जर हालत को देखते हुए प्रधानाचार्य जीआर आर्या ने रविवार को स्कूल में अभिभावकों की बैठक बुलाई है। प्रधानाचार्य ने बताया कि खतरे को देखते हुए चार कक्षाओं की छुट्टी कराने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है।