शिक्षकों के अभाव में सरकारी स्कूलों की दशा खराब हो रही है। राजकीय इंटर कॉलेज कोठेरा का ही हाल देख लीजिए। 240 विद्यार्थियों वाले इस स्कूल को एलटी में तैनात दो शिक्षक संचालित कर रहे हैं। जीआईसी में एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं है। प्रधानाचार्य का पद भी यहां खाली है।
राजनीतिक लाभ लेने के लिए वर्ष 2011 में कोठेरा हाईस्कूल को इंटर का दर्जा दिया गया, लेकिन प्रवक्ताओं और अन्य स्टाफ के पद सृजित नहीं किए गए। छह साल बाद जनवरी 2017 में इंटर में 5 प्रवक्ताओं और प्रधानाचार्य के पद सृजित किए गए, लेकिन तैनाती किसी की नहीं की गई। जीआईसी कोठेरा में इंटर स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान और इतिहास विषय स्वीकृत हैं। हाइस्कूल में कला, सामाजिक विज्ञान, गणित अंग्रेजी और हिंदी के पद खाली हैं। एलटी में केवल विज्ञान और व्यायाम के शिक्षक तैनात हैं। यही दो शिक्षक कक्षा 6 से 12 तक की सात कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि जीआईसी में लिपिक का पद भी खाली है।
वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज की दुर्दशा को लेकर अभिभावकों में सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति गुस्सा है। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष गंगा प्रसाद कोठारी कहते हैं कि सरकार और शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के प्रति लापरवाह हो गया है। जीआईसी कोठेरा में कोठेरा, भंडारीगांव, खेतीगांव, सिमलकोट, झरकोठेरा, रणकोट, जाखनी समेत 12 गांवों के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। मजबूरन यहां के विद्यार्थियों को 7 किमी दूर गंगोलीहाट और 10 किमी दूर भूलीगांव जीआईसी में दाखिला लेना पड़ रहा है। कोठारी कहते हैं कि जीआईसी की अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों को साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
जिले में कोठेरा समेत 9 राजकीय इंटर कॉलेजों में जनवरी 2017 में प्रवक्ता और प्रधानाचार्य के पद सृजित हुए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को प्रवक्ता और प्रधानाचार्य की तैनाती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। निदेशालय स्तर से ही शिक्षकों की तैनाती होगी। -एके जुकरिया, मुख्य शिक्षाधिकारी, पिथौरागढ़।
न्वाली स्कूल में शिक्षकों की तैनाती की मांग
पिथौरागढ़। न्वाली की प्रधान लीला जोशी ने राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय न्वाली में मानकों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। जिला शिक्षाधिकारी बेसिक को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्कूल में 63 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल में चार शिक्षक तैनात थे। इनमें से एक शिक्षिका का प्रमोशन हो गया है। अब स्कूल में तीन शिक्षक रह गए हैं। मानकों के अनुसार स्कूल में छह शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। उन्होंने स्कूल में तीन और शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है। शिक्षकों की तैनाती न होने पर अभिभावकों को साथ लेकर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।