दाखिम गांव में खतरे में आया पंचायतघर, भूकटाव रोकने की कोशिश में जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
नाचनी क्षेत्र के गौला गांव निवासी एक महिला शनिवार को बाथी गधेरे में बह गई। महिला का अब तक कोई पता नहीं चला है। वहीं शनिवार रात हुई बारिश ने नाचनी के दाखिम क्षेत्र में तबाही मचाई है। भूस्खलन से दाखिम का पंचायत घर खतरे की जद में आ गया है।
नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार गौला गांव की प्रधान आनुली देवी ने नाचनी थाने में सूचना दी है कि 14 जुलाई की सुबह गांव की हरुली देवी (36) पत्नी चंद्र सिंह 6 किमी दूर ओखलिया गांव जा रही थी। महिला बीच में पड़ने वाले बाथी गधेरे के प्रवाह में बह गई। खोजबीन की गई, लेकिन महिला नहीं मिली।
रविवार को नाचनी से थानेदार सुनील बिष्ट टीम के साथ घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, शनिवार की बारिश से दाखिम गांव में जमीन बुरी तरह दरक गई है। दाखिम के पंचायत घर के पास तक भूस्खलन हो गया है। गांव के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। गांव के लोग भूस्खलन की रोकथाम के लिए अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं।
बूंदी, गर्ब्यांग के लिए जारी रही हेली सेवा
पिथौरागढ़। रविवार को 36 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बूंदी और गर्ब्यांग से धारचूला लाया गया। 27 यात्री धारचूला से बूंदी और गर्ब्यांग गए। जिला सूचनाधिकारी गिरिजा शंकर जोशी ने बताया कि धारचूला से हेलीकॉप्टर के जरिए 17 क्विंटल राशन बूंदी भेजा गया।
डीएनए सैंपल लेने के बाद दाह संस्कार किया
पिथौरागढ़। धारचूला के तपोवन में 11 जुलाई को मिले महिला के शव की शिनाख्त न होने पर डीएनए सैंपल लेने के बाद दाह संस्कार कर दिया है। शव सड़ गल गया था।