गंगोलीहाट मुनस्यारी में रामलीला की धूम
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पिथौरागढ़ की रामलीला में अष्टम दिवस लंका दहन, विभीषण शरणांगत का मंचन हुआ। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, मुनस्यारी में रामलीला जारी है।
जिला मुख्यालय के रामलीला सदर और टकाना की रामलीला की शुरुआत में भगवान राम नेवर्षा ऋतु का वर्णन किया। वर्षा ऋतु बीतने और शरद ऋतु आने के बाद भी सुग्रीव के सीता माता की खोज में न जुटने से शेषावतार लक्ष्मण क्रोधित हो उठते हैं। वह पंपापुर जाकर सुग्रीव के साम्राज्य का विनाश करने की बात कहने लगते हैं। भगवान राम लक्ष्मण को समझाते हैं। सुग्रीव को केवल धमकाकर साथ लाने के लिए भेजते हैं।
उधर, पंपापुर में रामभक्त हनुमान राजा सुग्रीव को प्रभु राम का काम भूलने और प्रभु राम के क्रोध का अंदेशा जताते हुए कहते हैं ‘तुम कपीश प्रभु काज बिसारा’। इतने में लक्ष्मण पंपापुर आ धमकते हैं। सुग्रीव क्रोधित लक्ष्मण के चरणों में गिर जाते हैं। हनुमान को दूत बनाकर लंका भेजा जाता है। राक्षसों को मारने से क्रोधित रावण हनुमान की पूंछ में आग लगवा देता है। हनुमान लंका जला डालते है। उधर, रावण अपने भाई विभीषण पर राम का साथ देने का आरोप मढ़ते हुए उस पर लात मारता है और राज्य से निकाल देता है। विभीषण भगवान राम की शरण ले लेते हैं। भगवान राम सेतुबंधु रामेश्वर की स्थापना करते हैं। नल, नील के सहयोग से समुद्र में पुल बांध दिया जाता है।
गंगोलीहाट की रामलीला में सीता माता की खोज में निकले हनुमान अशोक वाटिका में पहुंचते हैं। वहां रावण सीता माता को धमका रहा होता है। इसके पश्चात हनुमान माता सीता को अपना परिचय देते हैं। माता से आज्ञा मांगकर फल खा रहे होते हैं कि राक्षस हनुमान पर प्रहार कर देते हैं। हनुमान रावण पुत्र अक्षय कुमार समेत तमाम राक्षसों को मार जालते हैं। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई जाती है। हनुमान लंका जला देते हैं।
बेड़ीनाग की रामलीला में वनवास का मंचन किया गया। राम वन गमन के दृश्यों के सुंदर मंचन हुआ। रामलीला के संचालन में तमाम लोग लगे हुए हैं। थल की रामलीला में हनुमान ने लंका दहन किया। सेतु में पुल बांधकर बानरी सेना ने लंका में प्रवेश किया। मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, विशिष्ट अतिथि डा. संजय बसेड़ा, तरुण पाल, सोबन सिंह कार्की थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवराज सत्याल ने सहयोग के लिए आभार जताया। मुनस्यारी की रामलीला में धनुष यज्ञ का मंचन किया गया। परशुराम-लक्ष्मण संवाद को खासी सराहना मिली। ठंड के बावजूद भारी संख्या में लोग रामलीला देखने के लिए आ रहे हैं।