नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए लोगों का तांता लगा रहा। शक्तिपीठों में दिनभर लोगों का तांता लगा रहा।
जिला मुख्यालय के उल्का देवी मंदिर, मां कामांक्षा मंदिर, कौशल्या मंदिर, गुरना मंदिर, ध्वज के जयंती मंदिर, मड़धूरा के चंडिका मंदिर, रामगंगा के चंडिका मंदिर वरदानी देवी मंदिर समेत कई देवी मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही लोगों की पहुंचना शुरू हो गया था। उल्का देवी मदिर में पंडितों ने विधिविधान से पूजा-अर्चना की।
गंगोलीहाट। हाट कालिका दरबार में सुबह 4 बजे कपाट खुलने के बाद पुरोहित दीप पंत, पंकज पंत ने विधि, विधान से पूजा संपन्न की। तड़के से ही लोगों का मां काली के दर्शनों के लिए पहुंचना शुरू हो गया था। देर शाम तक लोगों का मंदिर में आना जारी था। रात्रि 8 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद हुए। मंदिर में देर रात तक भजनों का दौर चला। चामुंडा शक्तिपीठ, वैष्णवी, क्षमा, शीतला, उल्का, अंबिका, त्रिपुरासुंदरी, कोटगाड़ी देवी मंदिर में भारी संख्या में लोग पूजा के लिए पहुंचे।
नाचनी। होकरा देवी मंदिर में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दूर-दूर से माता के भक्त मंदिर में पूजा, अर्चना के लिए पहुंचे थे। होकरा माता की क्षेत्र ही नहीं पूरे कुमाऊं में मान्यता है। नवरात्र के कारण मंदिर में मेले से माहौल था। क्षेत्र के अन्य मंदिरों में भी लोगों का तांता लगा रहा।
अस्कोट। मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर, खोलियागांव के हुस्केर देव मंदिर में सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। मल्लिकार्जुन मंदिर में पंडित नारायण दत्त पंत, हुस्केर देव मंदिर में पंडित मोहन चंद्र ओझा ने पूजा संपन्न कराई। जौलजीबी के ज्वालेश्वर, कालिका के कालिका मंदिर में लोगों ने पूजा की।