बस्तड़ी में अपने घरों का सामान लेकर आते लोग
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आपदा प्रभावित बस्तड़ी गांव अब पूरी तरह खाली हो गया है। बृहस्पतिवार रात फिर से पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से दहशत फैल गई। गांव की रंजना भट्ट ने बताया कि अब तक करीब दस परिवार गांव में ही रह रहे थे, लेकिन बृहस्पतिवार रात हुई बारिश ने फिर दहशत मचा दी। शुक्रवार सुबह से लोग घरों का सामान लेकर सिंघाली कस्बे में आ गए हैं। उन्होंने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी है। लोगों का सामान शिफ्ट करने में आशा कार्यकत्रियों ने भी मदद की।
बस्तड़ी में दस मकान सुरक्षित हालत में थे, लेकिन मौसम अब बड़ी चुनौती खड़ी कर रहा है, जो लोग बेघर हो गए थे उनको घटना के अगले दिन ही जीआईसी और प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया था। रंजना भट्ट ने बताया कि प्रशासन ने अब तक जानवरों को रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। इस कारण उनको जानवरों की देखरेख के लिए गांव जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रिश्तेदारों के यहां कोई कब तक रह पाएगा। कोई स्थायी समाधान तो निकालना ही होगा। बस्तड़ी से अब सभी परिवार छोड़कर आ गए हैं। खेत, बाग, बगीचे, मकान समेत सब कुछ नष्ट हो चुका है।