मदकोट में समय से पहले आए अखरोट के फल
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मदकोट के पास गांधीनगर के आसपास के इलाकों में अखरोट के कई पेड़ों में अभी से फल नजर आने लगे हैं। आमतौर पर अखरोट में अप्रैल के बाद फूल लगते हैं। वही फूल बाद में फल बनते हैं। सबसे खास बात यह है कि अखरोट के इन पेड़ों पर पतझड़ के कारण इस समय पत्तियां तक मौजूद नहीं हैं, लेकिन बीच-बीच में कहीं-कहीं पर शाखाओं में लगभग परिपक्व फल नजर आ रहे हैं। अखरोट के फल सितंबर में तैयार होते हैं। स्थानीय लोग इस परिवर्तन से आश्चर्य में हैं। उद्यान विशेषज्ञों का तर्क है कि या तो इन पेड़ों पर पहले से कोई फूल बचे रह गए होंगे और इनमें अब फल आ गए होंगे। दूसरा इसकी वजह जलवायु परिवर्तन भी माना जा रहा है।
मदकोट के गांधीनगर गांव में अखरोट के पेड़ बहुत अधिक हैं। इनमें से करीब आठ-दस पेड़ों पर इन दिनों फल लगे हैं। हालांकि फलों की संख्या तो कम है, लेकिन वह परिपक्व नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह फल करीब 15 दिन से लगे हैं और धीरे-धीरे इनका आकार बड़ा होता जा रहा है। यह फल एक हफ्ते के भीतर खाने योग्य हो जाएंगे। मदकोट निवासी जगदीश चंद्र उप्रेती ने बताया कि पहली बार इतनी जल्दी अखरोट में फल नजर आए हैं।
मुख्य जिला उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने कहा कि वैसे असमय अखरोट में फल आना अध्ययन का विषय हो गया है। फिर भी वह कहती हैं कि इसके पीछे एक कारण जलवायु परिवर्तन हो सकता है। अब पहाड़ों पर सभी जगह तापमान बढ़ने लगे हैं। दूसरा उनका तर्क यह भी है कि यदि पेड़ पर पहले से कोई फूल रह गया हो तो वह इस समय गर्मी मिलते ही फल का रूप ले चुका होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम इसका अध्ययन करेगी।