महाकाली और गोरी के संगम पर मंगलवार से शुरू होने ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व के जौलजीबी मेले की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सुबह करीब 11 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे। इसे देखते हुए पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किया है। सोमवार को एसपी अजय जोशी ने जौलजीबी पहुंचकर जोग्यूड़ा स्थित एसएसबी के हेलीपैड और मेला स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री हेलीपैड से कार द्वारा मेला स्थल तक जाएंगे।
एसपी ने बताया कि हेलीपैड से लेकर मेला स्थल तक पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह किसी भी मेलार्थी के साथ गलत व्यवहार न करें। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। इधर, मेला मजिस्ट्रेट आरके पांडे और तहसीलदार आईबी मल्ल ने भी सोमवार को जौलजीबी का दौरा किया। मेला स्थल पर सरकारी विभागों के स्टाल तैयार होने लगे हैं। कुछ दुकानें आज लग गई हैं। ज्यादातर दुकानें मंगलवार की सुबह लग जाएगी। मेला स्थल पर सरकारी विभागों के 40 स्टाल लगेंगे। जबकि 250 अस्थायी दुकानों का निर्माण किया गया है। मेला मजिस्ट्रेट ने बताया कि मेले के उद्घाटन के समय सांस्कृतिक झांकी निकलेगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सांस्कृतिक मंच में होगा। मुख्यमंत्री स्टालों का निरीक्षण करेंगे और कुछ योजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। वह जौलजीबी में करीब एक घंटे तक रहेंगे। इस बीच जौलजीबी में जिले के विभिन्न थानों का पुलिस बल पहुंचने लगा है। उनकी मंगलवार की सुबह ब्रीफिंग होगी। उसके बाद उनको अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर दिया जाएगा। सीएम के दौरे को देखते हुए जिले के सभी अधिकारी जौलजीबी में मौजूद रहेंगे। डीएम सी रविशंकर ने सभी अधिकारियों को जौलजीबी पहुंचने का आदेश दिया है।
इस बार निगम के सात राफ्टों से राफ्टिंग होगी
पिथौरागढ़। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने जौलजीबी में मेले के दौरान होने वाले राफ्टिंग प्रशिक्षण के लिए सात राफ्ट की व्यवस्था की है। धारचूला और कनालीछीना विकासखंड के युवाओं को राफ्टिंग का प्रशिक्षण मिलेगा। केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि कुछ साहसिक खेल संस्थाओं को भी आयोजन में शामिल किया गया है। राफ्टिंग प्रशिक्षण के इच्छुक युवाओं, छात्रों को पंजीकरण कराना होगा।
जौलजीबी मेला चलने दो पंचेश्वर बांध को रहने दो
पिथौरागढ़। मंगलवार को जौलजीबी मेले के उद्घाटन के लिए आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने महाकाली की आवाज संगठन के कार्यकर्ता जौलजीबी मेला चलने दो, पंचेश्वर बांध को रहने दो नारे लिखी हुई टोपियां और झंडे पकड़कर खड़े रहेंगे। संगठन ने मुख्यमंत्री का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है। सिर्फ अपनी बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। जौलजीबी भी पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहा है। यदि बांध बना तो मेले का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और एक बहुत बड़ी सांस्कृतिक विरासत समाप्त हो जाएगी। महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने बताया कि नारे लिखी हुई सैकड़ों टोपियां और झंडे तैयार किए गए हैं। यह झंडे जौलजीबी में मकानों की छतों पर भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शांतिपूर्वक चलेगा और मेले में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस मेले के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री आ रहे हैं वह मेला बांध बनने के बाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह हकीकत बताने के लिए ही यह कदम उठाया गया है कि बांध बनने की सूचना भर से ही लोग कितनी पीड़ा में हैं और इसका असर सांस्कृतिक आयोजनों में भी पड़ने लगेगा। उन्होंने पंचेश्वर बांध के निर्माण के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की है।