पर्वतीय सड़कों पर हिल पेट्रोल यूनिट की कवायद तेज हो गई है। कुमाऊं रेंज ने जिलों से यूनिट गठन को लेकर प्रस्ताव मांगा है। अगले माह कुमाऊं के चारों पर्वतीय जिलों की यूनिट को चंपावत में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद अप्रैल से हिल पेट्रोल यूनिट सड़कों पर नजर आएगी।
चंपावत के स्वांला हादसे के बाद पुलिस ने पहाड़ पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और बचाव के लिए सिटी पेट्रोल यूनिट की तर्ज पर हिल पेट्रोल यूनिट की अवधारणा दी थी। अब यूनिट गठन की कवायद शुुरू हो गई है। इसके तहत कुमाऊं परिक्षेत्र ने सभी पर्वतीय जिला पुलिस प्रशासन से यूनिट गठन को लेकर प्रस्ताव मांगा है। जिलों में यूनिट के लिए थाना स्तर से जवानों को लिया जाएगा।
हर जिले की यूनिट में 40 आयु वर्ग से नीचे के एक एसआई और 15 जवान शामिल होंगे। मार्च में चंपावत पुलिस लाइन में देहरादून एसडीआरएफ की टीम कुमाऊं के चारों पहाड़ी जिलों पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर की यूनिट को ट्रेनिंग देगी। इसमें यूनिट को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और बचाव के गुर सिखाए जाएंगे। ट्रेनिंग के बाद अप्रैल से यूनिट जिले के संवेदनशील सड़कों पर पेट्रोलिंग करते नजर आएगी।
आपदा राहत की भी जिम्मेदारी
पर्वतीय जिलों में सड़क दुर्घटना बचाव के साथ ही हिल पेट्रोल यूनिट आपदा राहत का भी काम करेगी। किसी आपदा के समय एसडीआरएफ समेत अन्य बचाव दलों की आमद में देरी से पहले यूनिट घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। इससे बचाव एवं राहत कार्यों में तेजी आएगी। यूनिट के जवानों को ट्रेनिंग के दौरान आपदा बचाव और राहत के गुर भी सिखाए जाएंगे।
संसाधनों के लिए प्रायोजक की तलाश
यूनिट गठन के लिए पुलिस के सामने संसाधन जुटाने के लिए बजट की चुनौती है। दरअसल सरकार से इस मद में वित्तीय मदद नहीं मिलेगी। इसके लिए पुलिस प्रायोजक की तलाश कर रही है। इसके जरिये यूनिट के लिए वाहन आदि संसाधनों का इंतजाम किया जाएगा।
जिलों से यूनिट गठन को लेकर प्रस्ताव मांगा है। मार्च में यूनिट को चंपावत में एकीकृत ट्रेनिंग दी जाएगी। अप्रैल से यूनिट सड़कों पर उतर जाएगी।
-पीएस रावत, आईजी, कुमाऊं परिक्षेत्र