पिथौरागढ़। फर्जी चिट-फंड कंपनी खोलकर जिले के लोगों को लाखों का चूना लगाने वाले पति और पत्नी को विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने छह-छह साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों के खिलाफ देश के विभिन्न शहरों में भी फर्जी कंपनी खोलकर लोगों को ठगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हैं। बताया इन मामलों में पति पहले से ही जेल में सजा काट रहा है। पत्नी बेल पर बाहर थी। अब विशेष सत्र न्यायाधीश ने उसे भी जेल भेजा है।
मामले के अनुसार, एक सितंबर 2017 को नगर में संचालित निधि लिमिटेड चिट-फंड कंपनी की प्रबंधक पूर्णिमा थापा ने पुलिस में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि मकान नंबर सी-5852, राजाजीपुरम, तालकटोरा, लखनऊ, यूपी निवासी अभय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी दीपा श्रीवास्तव ने नगर के टकाना में चिट-फंड कंपनी खोली। इस कंपनी से 250 से अधिक लोग जोड़े गए। उन्हें कंपनी में बतौर प्रबंधक तैनात किया गया। कुछ समय बाद दंपती लोगों के कंपनी में जमा 28 लाख रुपये लेकर भाग गए। जब लोग प्रबंधक से अपनी जमा पूंजी की मांग करने लगे तो उन्होंने दोनों से संपर्क किया तो उनके फोन बंद मिले। उनसे संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने मामले की जांच कर सात सितंबर 2021 को दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था इस पर सोमवार को फैसला आया। विशेष सत्र न्यायाधीश ने सभी पक्षों-गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन कर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
पति काट रहा है जेल, अब पत्नी भी होगी सलाखों के पीछे
मामले की पैरवी कर रहे एड. प्रमोद पंत ने बताया कि पति-पत्नी ने पिथौरागढ़ में ही बल्कि लखनऊ और देश के अन्य शहरों में भी फर्जी चिट-फंड कंपनी खोलकर लोगों का लाखों का चूना लगाया है। लखनऊ में उनके खिलाफ इसी तरह के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस मामले में न्यायालय ने दोनों को जेल की सजा सुनाई है। पति अब भी जेल में सजा काट रहा है जबकि पत्नी बेल पर बाहर थी। अब पिथौरागढ़ के विशेष सत्र न्यायाधीश के फैसले के बाद पत्नी को भी सलाखों के पीछे जाना होगा।