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व्यास घाटी में तैनात रहेंगे चार पीआरडी जवान

Thu, 01 Nov 2018 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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भारत-नेपाल के बीच महाकाली नदी में नजंग में नर्मित लकड़ी का पुल - फोटो : अमर उजाला
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नजंग में भारत-नेपाल को जोड़ने वाला अस्थायी पुल फिर बनकर तैयार हो गया है। एक-दो दिन के भीतर माइग्रेशन पर गए ग्रामीणों की वापसी शुरू हो जाएगी। इस साल व्यास घाटी में माइग्रेशन के दौरान चार पीआरडी जवान तैनात रहेंगे।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग खराब होने से इस साल नजंग से लखनपुर तक आवाजाही संभव नहीं है। माइग्रेशन पर गए व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए नजंग और लखनपुर में अस्थायी पुलों का निर्माण किया गया है। ग्रामीण अपने पशुओं के साथ नजंग से नेपाल जाएंगे, इसके बाद लगभग तीन किमी चलकर लखनपुर में भारत में प्रवेश करेंगे। तीन दिन पहले सड़क निर्माण के लिए की गई ब्लास्टिंग से गिरे बोल्डरों से अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर इस पुल की मरम्मत कर ली गई है।

लोनिवि के जेई इंद्र सिंह ने बताया कि पुल की मरम्मत कर आवाजाही शुरू करा दी गई है। डीएम सी रविशंकर के निर्देश पर व्यास घाटी में माइग्रेशन के दौरान चार पीआरडी जवानों गोपाल राम, गगन राम, जमन राम, नारायण सिंह की तैनाती कर दी गई है। एसडीएम आरके पांडेय ने बताया कि यह पीआरडी जवान 30 नवंबर तक वहां पर मौजूद रहेंगे।
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खतरनाक बैंड पर लगेगी रैलिंग
धारचूला। नजंग से बौलायर धार के बीच में पड़ने वाले एक मोड़ पर सामान से लदे खच्चरों के मुड़ने लायक जगह नहीं है। यहां पर लोगों के लिए भी खतरा बना है। ऐसे में इस स्थान पर किसी के गिरने पर बचने की कोई उम्मीद नहीं है। भारत-चीन व्यापार से लौटे दीवान सिंह नबियाल के अनुसार बौलायर और मालपा के बीच में रास्ता बेहद खराब बना है। इसे देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर रैलिंग बनाई जाएगी। लोनिवि के एई जीसी भट्ट ने बताया कि सरिया और सीमेंट मौके पर पहुंचा दिया गया है। शीघ्र ही मजबूत रैलिंग बना दी जाएगी।

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