तेजम में एक मकान पर लगा तहसील का बोर्ड
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स्थापना के चार महीने बाद भी तेजम की तहसील में कामकाज शुरू नहीं होने से लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कभी-कभार राजस्व निरीक्षक कार्यालय में बैठते हैं तो तहसील के दरवाजे खुल जाते हैं। अब भी इलाके के 93 राजस्व गांवों के लोगों को प्रमाण पत्र के लिए 50 से 70 किमी दूर मुनस्यारी की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्टाफ की तैनाती के लिए अब लोग नई सरकार से आस लगाए बैठे हैं।
24 नवंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तेजम तहसील का उद्घाटन किया, लेकिन तेजम तहसील में कामकाज शुरू नहीं हो पा रहा है। तहसील में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नाजिर, रजिस्ट्रार कानूनगो, दो लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित हैं, लेकिन एक भी पद पर तैनाती नहीं है। तहसील में 11 पटवारी क्षेत्र हैं पर पटवारी केवल तीन तैनात हैं। नामिक, होकरा, सीणी, गौला आदि 93 राजस्व ग्राम तेजम तहसील के अधीन आते हैं। तहसील का अधिकांश हिस्सा आपदाग्रस्त है।
तहसील में स्टाफ की तैनाती होती तो लोगों को त्वरित राहत मिलती, लेकिन यहां प्रमाणपत्र तक नहीं बन पा रहे हैं। तहसीलदार का चार्ज मुनस्यारी के तहसीलदार के पास है। ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह मेहरा, देवेंद्र धर्मशक्तू, सुंदर सिंह मेहता कहते हैं कि लोगों को तहसील का लाभ दिलाने के लिए नई सरकार को पहल करनी चाहिए।
राजस्व उप निरीक्षकों की ट्रेनिंग चल रही है। जल्द ही राजस्व उप निरीक्षक के पदों पर तैनाती हो जाएगी। अन्य स्टाफ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। -मनुज गोयल, प्रभारी एसडीएम, मुनस्यारी।