पिथौरागढ़। मुक्केबाजी की मेजबान उत्तराखंड की पदक पाने की उम्मीद बढ़ गई है या यू कहे कि प्रदेश के मुक्केबाज पदक से सिर्फ एक कदम दूर हैं। बेहतरीन खेल दिखाते हुए निवेदिता, बबीता, दीपक और कपिल ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतते ही चारों मुक्केबाजों के नाम पदक पक्का हो जाएगा। हालांकि सभी मुक्केबाजों की नजर सोने पर है।
पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज में राष्ट्रीय खेलों के तहत तीसरे दिन बॉक्सिंग के 26 मुकाबले खेले गए। 52 मुक्केबाज अपने प्रदेश को पदक दिलाने की उम्मीद में रिंग में उतरे। 26 मुक्केबाजों ने अपने पांच के दम पर मुकाबले जीते हुए अगले चक्र में प्रवेश किया जबकि 26 मुक्केबाजों को प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।
तीसरे दिन भी सभी की नजर उत्तराखंड के मुक्केबाजों पर टिकी रही जो प्रदेश की उम्मीद पर खरे उतरे। उत्तराखंड की निवेदिता कार्की, दीपक कुमार, कपिल पोखरिया के पंचों ने कमाल किया। महिला वर्ग के 50 किलो भार वर्ग में निवेदिता कर की और मेघालय की सोनिया तमांग रिंग में उतरीं। निवेदिता ने पांचों की ऐसी बौछार की इसमें विपक्षी धराशायी हो गई।
निवेदिता ने सोनिया तमांग को 5-0 से हराया। वहीं पुरुष वर्ग के 51 किलो भार वर्ग में दीपक कुमार और अरुणाचल के हेली तंड तारा के बीच बाउट हुई। बेहतरीन खेल दिखाते हुए दीपक ने हेली को 4-0 से मात दी। 92 किलो भार वर्ग में उत्तराखंड के कपिल पोखरिया और कर्नाटक के जगदीश्वरन जे रिंग में उतरे।
कपिल पोखरिया के आगे विपक्षी टिक नहीं पाया और उन्होंने नॉकआउट मुकाबले में जगदीश स्वर्ण को करारी शिकस्त देते हुए प्रतियोगिता से बाहर का रास्ता दिखाया। तीनों मुक्केबाजों ने अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। पहले ही उत्तराखंड की मुक्केबाज बबीता बिष्ट अपने दोनों मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी है।
ऐसे में चारों मुक्केबाज पदक से सिर्फ एक कदम दूर हैं। साफ है कि यदि इन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीता तो प्रदेश के नाम पदक पक्का है। सभी मुक्केबाज पदक के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और सबकी नजर सोने पर है।