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चालीस हजार लोगों को नहीं मिला पानी

Wed, 11 Apr 2018 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में पानी की किल्लत के चलते खाली बर्तन और डिब्बे लिए खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
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बारिश के बाद बारहमासी सड़क निर्माण का हजारों टन मलबा सरयू नदी में समा गया। इससे नदी के पानी का रंग बदलकर गहरा भूरा हो गया है। नदी में सिल्ट आने से घाट पंपिंग योजना ठप हो गई। इससे आधे नगर में आपूर्ति प्रभावित रही और 40 हजार लोगों को पानी नहीं मिल पाया।

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मंगलवार रात दस बजे सरयू नदी में सिल्ट आने के बाद घाट पंपिंग योजना ठप हो गई। रात भर नदी में सिल्ट का प्रवाह रहा। इससे रात भर पानी लिफ्ट नहीं किया जा सका। नतीजतन पंपिंग योजना से जुड़े टैंकों मेें आपूर्ति बंद हो गई और बुधवार सुबह आधे 40 हजार की आबादी को पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इस योजना से नगर को तीन एमएलडी पानी मिलता है। पंपिंग ठप होने से घंटाकरण, लिंठ्यूडा, जीआईसी रोड, पांडे गांव, बजेठी, हनुमान मंदिर, भदेलवाड़ा, सिनेमा लाइन, विजडम तिराहा, टकाना, ऐंचोली आदि क्षेत्रों में सैकड़ों घरों में पानी नहीं आया। क्षेत्रवासियों को नौलों, धारों, स्टैंडपोस्ट, हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ा। इन स्रोतों पर दिनभर लोगों की कतार लगी रही। जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भी भेजे, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हुए।

इधर, घाट पंपिंग योजना ठप होने के बाद जल संस्थान के ईई विशाल कुुमार सक्सेना ने पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि देर रात नदी में भारी सिल्ट आना शुरू हुआ। इसके चलते रात 10 बजे से दोपहर दो बजे तक आपूर्ति ठप रही। उन्होंने बताया कि नदी में अब भी काफी सिल्ट है। मजबूरन गंदला पानी लिफ्ट करना पड़ रहा है। दोपहर दो बजे से पंपिंग शुरू कर दी गई।
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फिर गंदा पानी आने की आशंका 
नदी में अब भी सिल्ट की काफी मात्रा बहकर आ रही है। पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान ने मजबूरन गंदे पानी की लिफ्टिंग शुरू कर दी है। हालांकि पानी को छानकर और फिल्टर कर भेजा जा रहा है, लेकिन पानी में सिल्ट की काफी मात्रा है। इससे एक बार फिर नलों मेें गंदा पानी आने की आशंका है।

डंपिंग जोन का खुला उल्लंघन 
बारहमासी सड़क निर्माण में डंपिंग जोन के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कहने को सुरक्षित स्थानों पर डंपिंग जोन बनाए गए हैं, लेकिन अधिकतर मलबा सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है। कार्यदायी कंपनी के पहाड़ काटने के बाद मलबा सड़क किनारे ठिकाने लगाने का खामियाजा नगरवासियों को पानी की किल्लत के रूप में उठाना पड़ा। पहाड़ी काटने के बाद सड़क किनारे डाला गया मलबा बारिश में बहकर सीधे नदी में समा गया।

बारहमासी सड़क निर्माण का मलबा डालने के लिए डंपिंग जोन बनाए गए हैं। सड़क निर्माण कार्य से निकला मलबा नदी में सिल्ट आने का जिम्मेदार पाया गया तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई होगी। जल संस्थान को आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़

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