पिथौरागढ़। विधायक नाराज नहीं हैं। वह हमारे साथ खड़े हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में वह शामिल हो रहे हैं यह कहा, पिथौरागढ़ पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने। हालांकि उनका यह कहना सच साबित नहीं हुआ और उनके स्वागत कार्यक्रम में कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आई। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व सीएम के स्वागत के लिए नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन यहां विधायक मयूख महर और उनके समर्थक नजर नहीं आए।
बुधवार को धारचूला जाने के लिए नैनीसैनी एयरपोर्ट पर पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ ही रावत जोश नजर आए। वहीं कांग्रेस से नाराज विधायक मयूख महर और उनके समर्थक अपने नेता के स्वागत के लिए नहीं पहुंचे और पार्टी दो गुटों में बंटी नजर आई।
जब पूर्व सीएम हरीश रावत से विधायक की नाराजगी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह नाराज नहीं हैं बल्कि हमारे साथ खड़े हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में वह शामिल हो रहे हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है और उनका दावा है कि इस बार कांग्रेस जीत रही है।
इधर, विधायक का पार्टी और पूर्व सीएम रावत से किनारा करना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के मन में सवाल है कि पिथौरागढ़ विधानसभा में दो गुटों में बंटने के बाद कांग्रेस कैसे जीत की दहलीज तक पहुंचेगी। हालांकि पूर्व सीएम ने इन कयासबाजी को खारिज करते हुए कहा कि ऑल इज वेल।
निकाय चुनाव में चहेती को टिकट न मिलने से खफा हैं विधायक
विधायक मयूख महर की पार्टी के साथ नाराजगी निकाय चुनाव में सामने आई थी। तब विधायक ने अपनी समर्थक के लिए नगर निगम की पहली मेयर पद के लिए टिकट मांगा था। पार्टी ने विधायक के प्रस्ताव को ठुकराते हुए अन्य को मैदान में उतार दिया था। तब से विधायक ने पार्टी से दूरी बना ली।
अपने खेमे से जिलाध्यक्ष न बनाने से बढ़ी नाराजगी
विधायक मयूख महर की नाराजगी तब भी बढ़ी थी जब जिलाध्यक्षों का चुनाव हुआ। विधायक महर ने जिलाध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थक के नाम का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव को भी दरकिनार कर पार्टी ने विधायक की नाराजगी को और बढ़ा दिया। अब पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें मना पाएगी या नहीं यह सवाल चर्चाओं में है।
जनता बना चुकी है बदलाव का मन
नैनीसैनी एयरपोर्ट परिसर में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है। वर्ष 2027 में उत्तराखंड में बदलाव होगा साथ ही देश की राजनीति में भी परिवर्तन होगा।
रावत ने कहा कि कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर भाजपा ने जनता के सामने झूठ परोसा है। प्रीतम सिंह ने भी साफ तौर पर कहा है कि यदि इस संबंध में मेरा कोई बयान या रिकाॅर्ड भाजपा प्रस्तुत करेगी तो मैं राजनीति छोड़ दुंगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा में गैरत है तो इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए। सत्यता यह है कि भाजपा के पास बताने के लिए कुछ नहीं है। महंगाई, बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। पलायन बढ़ने से राज्य के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया है। सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है और वह सिर्फ जनता को गुमराह कर रही है। भाजपा नेताओं को अपने गले में मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ताबीज बांध लेना चाहिए क्योंकि जनता जब भी सरकार से सवाल पूछती है तो इसका जवाब देने के बजाय भाजपा नेता मुस्लिम युनिवर्सिटी की बात कर लोगों को भ्रमित करने लगते हैं। नैनीसैनी एयरपोर्ट से पूर्व सीएम रावत धारचूला के लिए रवाना हुए। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, मनोज ओझा, पूर्व जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी, दीपक लुंठी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।