रूठों को मनाना मेरा काम नहीं है। इसके लिए संगठन खासकर प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री जिम्मेदारी लेंगे। मैं बिखराव को समेटने की कोशिश कर रहा हूं, यह बात पूर्व सीएम हरीश रावत ने कही। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर ही भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सकता है। यह बात हर कार्यकर्ता को समझनी होगी।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने पिथौरागढ़ पहुंचकर पत्रकारों के साथ वार्ता की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार झूठी है और इसके शासन में देश और प्रदेश में लूट चल रही है। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुझ पर प्रदेश में मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने का बयान देने की बात कर इसे मुद्दा बनाया था। इसी झूठ के बल पर भाजपा ने जनता को अपने पक्ष में किया। 10 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के बाद मेरे इस बयान से संबंधित कोई प्रमाण सामने नहीं आए। इससे साबित हो गया कि भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए यह प्रपंच रचा था। मैं न्याय यात्रा के तहत भाजपा के झूठ को जनता के बीच पहुंचा रहा हूं। हर कार्यकर्ता इसमें सहयोग करेगा। 2027 के चुनाव में भाजपा के झूठ को जनता के बीच पहुंचाना ही कांग्रेस की जीत का ब्रह्मास्त्र होगा।
निकाय चुनाव में विधायक मयूख महर की बगावत को लेकर किए सवाल को उन्होंने राजनीतिक अंदाज में टाल दिया। कहा कि बहुत सारी बातें सामने आएंगी। अपनी गलती हर कार्यकर्ता को स्वीकारते हुए एकजुट होना होगा। यही एकजुटता भाजपा को सत्ता से बाहर कर सकती है। इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र सिंह महरा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू लुंठी, मनोज ओझा, पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी, रमेश कापड़ी, पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, पूर्व विधायक चंपावत हेमेश खर्कवाल आदि शामिल रहे।
आतंकियों के स्कैच जारी, अब उनका सिर लाने की है बारी
पूर्व सीएम हरीश रावत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा सुरक्षा एजेंसियों की चूक से पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ। आतंकियों और आतंकी देश पाकिस्तान के खिलाफ चले ऑपरेशन सिंदूर में विपक्ष भी सरकार और सेना के साथ खड़ा रहा। हमले के बाद आतंकियों के स्कैच भी जारी हो गए। आतंकियों को पाताल से खोजने का दम भरने वाली सरकार अब तक उन्हें ढेर नहीं कर सकी है, इसका हर किसी को इंतजार है। कहा कि विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ करने से पहले पाकिस्तान को सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला करने की जानकारी देने का बयान दिया था। कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन पाकिस्तान को किस पॉलिसी के तहत ऑपरेशन सिंदूर से पहले यह बात बताई गई इसे सभी जानना चाहते हैं।