चंपावत में प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देती वनरावत महिलाएं।
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आदिम जाति वनरावत बाहुल्य गांव खिरद्वारी के लोग प्राकृतिक आपदा से सहमे हैं। भूस्खलन और बरसाती नाले से उनकी नींद उड़ी है। लंबे समय से हो रही उनकी मांग की अनदेखी से परेशान होकर जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री रेखा आर्य से शीघ्र उनका पुनर्वास करने की गुहार लगाई। मंत्री ने इस मसले पर कार्रवाही का आश्वासन दिया।
लक्ष्मी देवी, हीरा देवी, कौशल्या देवी, नैन सिंह आदि के नेतृत्व में खिरद्वारी के लोगों ने पुनर्वास करने की आवाज उठाई। कहा कि नाले और भूस्खलन से यहां के कई मकान खतरे के दायरे में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने खिरद्वारी के खतरे वाली जगह के बदले चंपावत या ऊधमसिंह नगर जिले में जमीन आवंटित करने की मांग की है। कहा कि इस मामले को लेकर नवंबर 2016 में यहां के एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी के नेतृत्व में देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से मिला। फिर भी कोई राहत नहीं मिली।
पिछले माह गांव के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। तब जिलाधिकारी डॉ.अहमद इकबाल ने जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय व टनकपुर के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल को मौका मुआयना करने के निर्देश दिए थे। लेकिन करीब डेढ़ माह बीतने पर भी अभी प्रशासनिक टीम खिरद्वारी नहीं पहुंच सकी।