हाट वन पंचायत को कोटगाड़ी मंदिर को अर्पित करने जाते ग्रामीण
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वन पंचायत हाट के जंगल को भी कोटगाड़ी देवी को अर्पित कर दिया गया है। जंगल की रक्षा अब देवी करेंगी। गांव के लोग बृहस्पतिवार को ढोल-नगाड़ों एवं ध्वजाओं को लेकर कोटगाड़ी देवी के मंदिर पहुंचे और जंगल को देवी को अर्पित कर दिया। लोगों का विश्वास है कि अब जंगल को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। जिले में इससे पहले भी कई जंगल सुरक्षा के लिए देवी-देवताओं को अर्पित किए गए। ऐसे जंगलों में अवैध कटान पूरी तरह रुक गया।
वन पंचायत के सरपंच शंकर लाल चौधरी ने बताया कि वन पंचायत हाट के जंगल में कुछ लोगों द्वारा पेड़ों को काटकर तस्करी की जा रही है। वन पंचायत की भूमि पर अवैध रूप से बाजार का कूड़ा और भवन निर्माण की मिट्टी डाली जा रही है। पेड़ों के अवैध कटान और जंगल में गंगोलीहाट बाजार का कूड़ा डालने से वहां की वनस्पतियों को नुकसान पहुंच रहा है।
गांव के लोगों ने जंगल को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए विधि-विधान से कोटगाड़ी मंदिर को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कोटगाड़ी माता से जंगल की रक्षा करने की प्रार्थना की है। इस मौके पर गौरव साह, सागर साह, गिरीश साह, कमला नेगी, अप्पू साह, भगवती पंत, माया नेगी, माधवी नेगी आदि ने कोटगाड़ी माता से जंगल की रक्षा करने की प्रार्थना की है।