दिगतोली के जंगल में आग बुझाते फायर सर्विस कर्मी। स्रोत : फायर सर्विस
पिथौरागढ़। जाड़ों में भी जिले के जंगल धधकने लगे हैं। दिगतोली में जंगल की आग वन चौकी, पटवारी चौकी और स्कूल के साथ ही गांव तक पहुंच गई। इससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। भीषण आग के सामने ग्रामीणों का बस नहीं चला। मौके पर पहुंची फायर सर्विस की तत्परता से बड़ा नुकसान होने से बच गया। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर सर्विस की टीम ने आबादी के नजदीक पहुंची आग को बुझाया।
रविवार दोपहर दिगतोली के जंगल में अचानक आग लग गई। तेज हवा और जंगल में मौजूद सूखी घास के साथ कुछ ही देर में आग तेजी से फैलते हुए गांव और यहां बनी वन चौकी, पटवारी चौकी और प्राथमिक स्कूल तक पहुंच गई। ग्रामीण घरों से बाहर निकले और आग बुझाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर घटना की सूचना फायर सर्विस को दी गई।
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पटवारी चौकी, स्कूल और गांव पहुंचने से रोका जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। हालांकि खाई की तरफ जंगल अब भी सुलग रहा है। फायर कर्मियों के लिए खाई में उतरकर आग बुझाना असंभव है। जंगल में लगी आग से वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग का अता-पता नहीं
फायर सर्विस और ग्रामीणों ने जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग को भी दी। जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे करने वाले वन विभाग के कर्मचारी तीन घंटे बाद भी दिगतोली नहीं पहुंच सके। जब तक वन कर्मी गांव पहुंचे तब तक फायर सर्विस की टीम और ग्रामीणों ने गांव के नजदीक पहुंची आग को बुझा लिया था।
कोट
दिगतोली गांव में वन चौकी, पटवारी चौकी, स्कूल और गांव तक आग पहुंच गई थी। टीम ने आग बुझाकर इन संस्थानों के साथ ही गांव को सुरक्षित किया। - नरेंद्र प्रसाद, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, पिथौरागढ़