पिथौरागढ़। पनखोली गांव में लगी आग से ग्रामीणों के सात लुट्टे घास और जलौनी लकड़ी का ढेर जल गया। घरों के नजदीक पहुंची आग पर ग्रामीणों ने बमुश्किल काबू पाया। आग बुझाने में दो युवक मामूली रूप से झुलस भी गए।
जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर मूनाकोट विकासखंड के पनखोली गांव में शुक्रवार को जंगलों की आग गांव तक पहुंच गई। आग के कारण जलौनी लकड़ियों का ढेर और 12 लुट्टे घास जल गई।
इसमें ईश्वरी दत्त कापड़ी के छह, ममता कापड़ी के चार, गोविंद बल्लभ कापड़ी और भावना कापड़ी का एक-एक लुट्टा घास शामिल है। घरों के नजदीक आग पहुंचने के कारण ग्रामीणों को आग बुझाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीण युवा, महिला और बुजुर्गों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने में योगेश कापड़ी और शिवम कापड़ी हल्के झुलसे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आग से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने आर्थिक मदद मांगी है।
आबादी तक जंगल की आग पहुंचने की चौथी घटना
पिथौरागढ़। जंगल की आग आबादी तक पहुंचने की यह चौथी घटना है। मार्च में ख्वांकोट में जंगल की आग से एक मकान और घास के कई ढेर जल गए थे।
ग्रामीणों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया था। इसके बाद तीन दिन पूर्व गंगोलीहाट के सिबना गांव में घास और पेड़ जल गए थे। नाचनी में भी जंगलों की आग से लीची आदि फलदार पेड़ जल गए थे।
पनखोली गांव की नाप भूमि में आग लगी है। हवा के कारण घास के लुट्टों तक पहुंची है। जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश जोशी, रेंजर, पिथौरागढ़।ाबू पाया।
पिथौरागढ़ जिले के पनखोली गांव में जंगलों की आग से घास के लुट्टे जलते हुए।- फोटो : PITHORAGARH