पिथौरागढ़/धारचूला/अस्कोट/गंगोलीहाट। सीमांत जिले के आठ विकासखंडों में कई जगह जंगलों की आग धधक रही है। कहीं ग्रामीण तो कहीं फायर ब्रिगेड तो कहीं वन कर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। आग को बुझाने में कई लोग झुलस भी रहे हैं।
जिले में पिछले कुछ दिनों में करीब 200 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। वन विभाग के मुताबिक 120 से अधिक आग की घटनाएं पूरे जिले में हुई हैं, जो अभी भी जारी है।
रविवार को नौ जगह वन विभाग को आग लगने की सूचना मिली। पिथौरागढ़ में शनिवार रात बड़ौली के जंगलों में भीषण आग लगी, जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह से बुझाया।
इधर ग्राम सभा जीबी के जंगलों में असामाजिक तत्वों ने जंगलों में आग लगा दी। जो धीरे-धीरे आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच रही थी। इसके बाद युवक मंगल दल जीबी के सदस्यों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
धारचूला विकासखंड में नेपाल और धारचूला के सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने के कारण जौलजीबी से लेकर धारचूला तक सभी जगहों में धुंध छाई है। धुंध के कारण दोपहिया चालकों को आंखों में जलन की शिकायत आ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता शालू ने कहा कि आग लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जंगल में आग लगने से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। अस्कोट क्षेत्र के जंगलों में लगी आग आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच गई।
इससे खोलिया गांव के मनोज पाल, तेजबहादुर के घर के बाहर एकत्र की कई लकड़ियां जल गईं। आग इतनी भीषण थी कि युवाओं को आग बुझाने में मशक्कत करनी पड़ी।
सरपंच खोलिया गांव आन सिंह पाल ने कहा कि आग लगाने वालों के खिलाफ पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। नगर पंचायत गंगोलीहाट के पठ्क्यूड़ा वार्ड में शनिवार रात जंगल की आग गांव तक पहुंची गई।
अधिकतर ग्रामीणों के सैम मंदिर में हो रहे यज्ञ में होने के कारण गांव में बेहद कम लोग थे। आग धीरे-धीरे गांव की तरफ बढ़ रही थी। गांव के पास यूपीसीएल का ट्रांसफार्मर होने के कारण आग का खतरा बढ़ता जा रहा था।
ग्रामीणों ने तुरंत ही यूपीसीएल और प्रशासन को सूचना दी। सूचना के बाद यूपीसीएल के कर्मियों ने आग पर किसी तरह काबू पाया। इधर क्षेत्र में आग से चनी राम के दो घास के लुट्टे जल गए।
जिले में 200 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। पिछले कुछ दिनों में 120 से अधिक आग की घटना पूरे जिले में हुई है। लोगों को पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक होना पड़ेगा। जो लोग जंगलों में आग लगा रहे हैं, वे सिर्फ अपने लिए हीं नहीं और के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।
- एनसी पंत, एसडीओ, वन विभाग।
धुंध के कारण हो रही सांस लेने में तकलीफ
पिथौरागढ़। जंगलों की आग से हर तरफ धुंध छाई है। इससे लोगों के आंखों जलन हो रही है। कई जगह धुंध इतनी है कि दिन में ही अंधेरे हो रहा है। लोगों को वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है।