वन विभाग ने हराभरा पेड़ उखाड़ा
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चंडाक रोड पर किए जा रहे अवैध निर्माण में आड़े आ रहे फलदार पेड़ को वन विभाग ने ही उखाड़ डाला। निर्माण की जद में कई अन्य छायादार पेड़ भी आ रहे हैं। अवैध निर्माण से इन पेड़ों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
चंडाक रोड पर वन विभाग थुनेर वन चेतना केंद्र के पास दो मंजिले भवन का निर्माण करा रहा है। इसके लिए विकास प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई है। लोनिवि की सड़क से सटे निर्माण के बावजूद विभागीय अनुमति भी नहीं है।
सड़क किनारे पहाड़ का एक हिस्सा काटकर पहला तल बनाया जा रहा है। पहले तल की चाहरदीवारी खड़ी कर दी गई है। निर्माण के दौरान आड़े आ रहे आडू के हरेभरे पेड़ को जड़ से खोद दिया गया है।
डीएफओ ने चुप्पी साधी
अवैध निर्माण के दौरान हरा पेड़ उखाड़ने के सवाल पर विभाग ने चुप्पी साध ली है। सोमवार को भी डीएफओ विनय भार्गव से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उप प्रभागीय वनाधिकारी एके श्रीवास्तव ने भी फोन नहीं उठाया। रेंजर डीसी जोशी ने तबियत खराब होने का हवाला देते हुए बात करने से मना कर दिया।
डीडीए ने तलब की रिपोर्ट
अवैध निर्माण के संबंध में डीडीए ने वन विभाग का जवाब तलब किया है। विभाग को नोटिस जारी कर निर्माण की अनुमति के संबंध में पूछा गया है। डीडीए सचिव मो. नासिर ने बताया कि निर्माण को लेकर वन विभाग से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही प्राधिकरण के जेई से निर्माण से जुड़ी जानकारी तलब की है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
दिनभर रुका रहा काम
चंडाक रोड पर वन विभाग के अवैध निर्माण का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सोमवार को काम रुका रहा। भवन निर्माण का काम कर रहे मजदूर निर्माण स्थल पर आए, लेकिन बिना काम किए लौट गए। मजदूरों ने बताया कि विभाग ने कुछ समय काम रोकने को कहा है।