नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक के जंगल मेें डेरा जमाए हथियारबंद नेपाली शिकारी गिरोह की धरपकड़ को गया फोर्स वापस लौट आया है। फोर्स के पहुंचने से पहले ही शिकारी नेपाल को भाग निकले। ग्रामीणों ने बताया कि शिकारी आए थे और उन्हें धमका कर गए हैं।
चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के खर्राटाक जंगल में हथियार बंद शिकारी गिरोह के डेरा जमाने की सूचना पर गत बुधवार को पुलिस, एसओटीएफ, पीएसी, एसएसबी और वन विभाग का फोर्स भेजा गया था। उप निरीक्षक सुरेंद्र खड़ायत के नेतृत्व में कांबिंग दल ने कोटकेंद्री, बांस और खर्राटाक के जंगल में सघन कांबिंग की। उप निरीक्षक खड़ायत ने बताया कि जंगल में शिकारी तो नहीं मिले, लेकिन ग्रामीणों ने उनके आने की पुष्टि की।
उन्होंने यह भी बताया कि शिकारी गत वर्ष पुलिस को उनके जंगल में घुसने की सूचना दिए जाने से गुस्साए थे और वे ग्रामीणों को धमका कर गए हैं। कांबिंग दल में उप निरीक्षक सुरेंद्र खड़ायत, एसओटीएफ नरेंद्र रावत, कांस्टेबल रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह, तेज कुमार, पीएसी एसआई गणेश जोशी, एचसी खजान लाल, कांस्टेबल राजीव जोशी, लांस नायक अशोक कुमार, वन वीट अधिकारी मोहन पांडेय, भरत सिंह नेगी, बद्री दत्त जोशी, नौ लोग शामिल थे।