संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। खतीगांव में जंगल गई महिलाओं ने तेंदुए के साथ करीब 10 मिनट तक संघर्ष कर साथी महिला की जान बचाई। महिलाओं की इस बहादुरी की काफी चर्चा हो रही है। बृहस्पतिवार को महिलाएं रोज की तरह गांव से लगे जंगल में चारा लेने को गई थी। पुष्पा देवी, कुंती देवी और ललिता देवी जैसे ही पशुओं के लिए चारा बना रही थी। तेंदुए ने पीछे से हमला कर दिया। तेंदुए के हमलें में पुष्पा देवी जमीन पर गिर गई थी, लेकिन वो गिरने के बाद भी तेंदुए का सामना करती रही। इस बीच 35 वर्षीय कुंती देवी और 38 वर्षीय ललिता देवी भी दरांती और लकड़ी लेकर तेंदुए पर वार करने लगीं। महिलाओं ने करीब 10 मिनट तक संघर्ष कर तेंदुए को वहां से भागने पर मजबूर कर दिया। महिलाओं की सूझबूझ और बहादुरी से पुष्पा देवी की जान बच पाई। इसके बाद उन्होंने घायल साथी को सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल पहुंचाया। इधर, पिथौरागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी दिनेश जोशी का कहना है कि तेंदुए के हमलें से खतीगांव में महिला घायल हुई है। घायल महिला को मुआवजा दिलाया जाएगा।
-::: कई मवेशियों को निवाला बना चुके हैं तेंदुए :: पिथौरागढ़। खतीगांव, बांस क्षेत्र में तेंदुए की आमद से लोग दहशत में हैं। इससे पहले तेंदुआ कई मवेशियों को अपना निवाला बना चुका है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।