पिथौरागढ़। सीमांत जिले की ऊंची चोटियां दूसरे दिन भी धुंध से ढकी रहीं। निचले इलाकों में भी धुंध से दूर के जंगल साफ नहीं दिखाई दिए। मौसम विभाग ने शुक्रवार से निचले इलाकों में हल्की बारिश और 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
पिछले वर्ष जनवरी पहले सप्ताह में बारिश और बर्फबारी हुई थी। इस बार अक्तूबर से न तो बारिश हुई है और न अब तक हिमालयी चोटियों पर बर्फ गिरी है। इससे लोगों को शुष्क ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मकर संक्रांति के दिन से वातावरण में धुंध छाई हुई है। इससे जिला मुख्यालय से सटे जंगल भी साफ नहीं दिखाई दे रहे हैं।
पंचाचूली, धौलगिरी, हंसलिंग, राजरंभा की चोटियां भी बादलों से ढकी हुई हैं। बारिश और बर्फबारी नहीं होने से फसल और फलों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से अगले छह दिनों तक पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग जनपदों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना जताई है। अन्य जनपदों में मौसम शुष्क रहेगा।
इधर जिला मुख्यालय में गुनगुनी धूप खिलने से लोगों को राहत मिल रही है। हालांकि सुबह-शाम लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। नदी घाटी वाले क्षेत्रों में अभी कोहरे से निजात नहीं मिली है।
कोट
कृषि विभाग की ओर से फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। बीज जमाव और फसलों की बढ़वार नहीं होने से आठ से दस फीसदी नुकसान का आकलन है। फील्ड कर्मचारी अभी भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी