सोमवार को भी पिथौरागढ़ के जंगलों में आग लगी रही। आग से देवलथल के लमतड़ी में एक आटा चक्की जलकर खाक हो गई। डीएम एचसी सेमवाल ने आग बुझाने के लिए सेना और अर्द्धसैनिक बलों की मदद मांगी है।
कनालीछीना से मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात देवलथल तहसील के विशूना खान के लमतड़ी में गोविंद सिंह सिरोला की चक्की में आग लग गई। आग की चपेट में आने से चक्की के पार्ट्स और चक्की के लिए बनाया गया शेड जलकर राख हो गए। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने जिला प्रशासन से प्रभावित व्यक्ति को आपदा मद से आर्थिक मदद देने की मांग की है।
सूचना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्यालपानी, बड़ाबे, सिलौली, गुरना, थलकेदार, खमलेख, घनधूरा पश्चिमी, कोठेराखाल, धारचूला के ग्वालगांव, बेड़ीनाग के बरसायत के जंगलों में लगी आग को वन विभाग, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने बुझाया।
बेड़ीनाग के लम्केश्वर के जंगल में रविवार को लगी आग को ग्राम प्रधान कुंदन बोरा, पूर्व प्रधान चंदन बोरा, शिक्षक प्रकाश बोरा, एसएसबी स्वसयंसेवक गोकुल सिंह, मेहर सिंह, प्रकाश सिंह, राजन राम ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद बुझाया। वन दरोगा गंगा सिंह बोरा के नेतृत्व में सात वन कर्मियों की टीम आग बुझाने के लिए मौके पर मौजूद रही। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने सेना के 110 इंडिपेंडेंट ब्रिगेड के कमांडर, कमांडेंट आईटीबीपी, जाजरदेवल, मिर्थी, लोहाघाट, कमांडेंट सीमा सड़क संगठन, एसएसबी को पत्र लिखकर वनाग्नि रोकने में सहयोग की अपील की है। उधर, डीएफओ आईपी सिंह ने स्थिति नियंत्रण में बताई है।
क्वीटी, बमनगांव की आग बुझाई
क्वीटी, बमनगांव, मजियापाटा, रौतगांव के जंगलों में रविवार रात लोगों ने कड़ी मेहनत के बाद आग बुझाई। आग के आबादी में पहुंचने की संभावना थी। आग बुझाने में राजस्व उप निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी दुर्गा राम, मनरेगा सहायक भाष्करानंद द्विवेदी, ग्राम प्रधान नीमा द्विवेदी, प्रधान नवीन द्विवेदी, जगदीश द्विवेदी, बसंत बल्लभ द्विवेदी, लक्ष्मी दत्त द्विवेदी आदि शामिल थे।