थल-मुनस्यारी रोड पर रातीगाड़ में इस तरह खिसक रही पहाड़ी
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में शनिवार को पांच बार मलबा गिरा। रात में बारिश कम होने के कारण यह सड़क सुबह तक खुली थी, लेकिन सुबह आठ बजे से हल्की बारिश के साथ ही मलबा गिरने का क्रम शुरू हो गया। इस स्थान पर लोक निर्माण विभाग के मजदूर और जेसीबी स्थायी रूप से तैनात है, लेकिन मलबा हर दो घंटे में सड़क पर गिरता रहा। रातीगाड़ में सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में है। इसमें पैदल आवाजाही में भी अब दिक्कत होने लगी है। फिलहाल इस स्थान पर कोई स्थायी समाधान निकल पाना संभव नहीं दिखता।
लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे ने बताया कि हल्की बारिश में ही पहाड़ी से मलबा खिसककर सड़क पर आ रहा है। इस कारण वाहनों के आवागमन में दिक्कत आ रही है। एक बार गिरे मलबे को हटाने में कम से कम एक घंटे का समय लग रहा है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से मैदानी शहरों को जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चला है।
शनिवार सुबह जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर घिंघरानी से पास फिर से मलबा गिर गया। बंगापानी के पास भी भूस्खलन से सड़क को खतरा हो रहा है। तवाघाट से मांगती होते हुए गर्बाधार जाने वाली सड़क शनिवार को भी बंद रही। तवाघाट-सोबला सड़क पर 15 दिन से यातायात बंद है। जिले में लगातार हो रही मध्यम स्तर की बारिश से कई सड़कों पर फिर से मलबा आने का खतरा बढ़ गया है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-11.4 एमएम
गंगोलीहाट-23.0 एमएम
बेड़ीनाग-21.0 एमएम
धारचूला-24.6 एमएम
डीडीहाट-10.0 एमएम
मुनस्यारी-20.0 एमएम