मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। माउंटेन सिकनेस से पिछले चार-पांच वर्षों में मुनस्यारी के खलियाटॉप में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। चिकित्सकों के अनुसार बाहर से आने वाले लोगों को कुछ दिन रुककर और स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाना चाहिए।
अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी रहती है। मुनस्यारी से 12 किमी दूर खलियाटॉप की ऊंचाई 3500 मीटर है। ऑक्सीजन की कमी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में मैदानी क्षेत्रों से सीधे इतनी ऊंचाई पर पहुंचने वाले लोगों की मौत की आशंका बनी रहती है। खालिया में पिछले साल माउंटेन सिकनेस से देवेंद्र नेगी की मौत हुई थी। इसी तरह वर्ष 2019 से लेकर अब तक अन्य तीन की भी मौत माउंटेन सिकनेस की वजह से हो चुकी है। पांचवां और ताजा मामला खलियाटॉप में बीते रविवार रात को 26 वर्षीय उत्कर्ष सिंह की मौत का है।
रविवार को खलिया में माइनस 2 डिग्री तापमान था। प्रशासन के अनुसार रविवार को वर्षांत का जश्न मनाने के लिए 338 पर्यटक गए थे जिसमें 113 पर्यटकों ने रात्रि विश्राम किया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. अजय का कहना है कि मैदानी या अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सीधे ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले बेस में रुकने के साथ ही चिकित्सकीय परीक्षण भी कराना चाहिए। इधर होटल एसोसिएशन ने प्रशासन से माइनस तापमान में खलिया में पर्यटकों को टेंट में रात्रि विश्राम करने पर रोक लगाने की मांग की है। संवाद