पिथौरागढ़। कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर का सड़कों पर डामरीकरण सहित अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए उपयोग हो रहा है। हैरानी की बात है कि ये ट्रैक्टर बाहरी राज्यों से सीमांत जिले में पहुंचा दिए गए। परिवहन विभाग ने इस पर सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने अभियान चलाकर व्यावसायिक उपयोग में लगी पांच ट्रैक्टर-ट्राॅली को सीज करने के साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) शिवांश कांडपाल के नेतृत्व में व्यावसायिक उपयोग में लगाई गईं ट्रैक्टर ट्राॅली की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। कई ट्रैक्टर ट्राॅली बिना वैध दस्तावेज के संचालित हो रही हैं। किसी चालक के पास तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा कुछ ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ते मिले। एआरटीओ कांडपाल ने बताया कि इस प्रकार की लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर पांच ट्रैक्टर ट्राॅली सीज की गईं। हर ट्राॅली पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। इस दौरान प्रवर्तन दल के सदस्य सीमा राणा, बलदेव, बहादुर व महेंद्र मौजूद रहे।