पिथौरागढ़। सीमांत जिले में ट्राउट मछली के कारोबार ने रफ्तार पकड़ी है। बीते एक वर्ष में ट्राउट मछली के कारोबार से मत्स्य पालकों ने करीब तीन करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। मत्स्य विभाग के सहयोग से आईटीबीपी को ट्राउट मछली की आपूर्ति की गई। वहीं खुले बाजार में भी इस मछली की अच्छी मांग होने से मत्स्य पालकों को इसका लाभ मिल रहा है।
जिले में ठंडे पानी की ट्राउट मछली का कारोबार बढ़ा है। मत्स्य विभाग के मुताबिक, बीते एक वर्ष में करीब एक हजार मत्स्य पालकों ने 60 टन ट्राउट मछली का उत्पादन किया। 45 टन ट्राउट मछली का कारोबार कर पालकों ने 2.96 करोड़ की आमदनी की। आईटीबीपी को 450 रुपये किलो की दर पर 7.6 टन मछली की आपूर्ति की गई। वहीं 37 टन मछली का 700 रुपये किलो की दर से खुले बाजार में कारोबार हुआ। ऐसे में साफ है कि ट्राउट मछली का पालन जिले के मत्स्य पालकों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है।
40 हजार बीजों का वितरण करेगा विभाग
विभाग मत्स्य पालकों को जल्द ही ट्राउट मछली के 40 हजार बीजों का वितरण करेगा। यह बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध होंगे। विभाग के मुताबिक, धारचूला, मुनस्यारी, कनालीछीना, डीडीहाट, बिण में ट्राउट मछली का पालन किया जा रहा है।
कोट
जिले में ट्राउट मछली के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मत्स्य पालक भी मछली का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। पालकों को इसके लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। - डॉ. रमेश चलाल, जिला मत्स्य अधिकारी, पिथौरागढ़