जिले में दिवाली की रात 50 लाख रुपये की आतिशबाजी हुई। पिछले वर्ष की तुलना में यह कम से कम 20 लाख रुपये मूल्य की ज्यादा रही। इसकी वजह यह है कि एक तो मौसम साफ था, दूसरा आतिशबाजी के सामान की कीमत भी इस बार दस से 20 फीसदी तक बढ़ी हुई है।
शाम सात बजे से रात नौ बजे तक तो जिला मुख्यालय में चारों तरफ पटाखों का शोर रहा। रात दस बजे से इनकी रफ्तार कम हो गई। आतिशबाजी के कारण एक बार तो नजारा बेहद मोहक हो गया। लोगों ने अंधेरा होते ही घरों को रोशन करना शुरू कर दिया।
मिट्टी के दीयों, मोमबत्ती, बिजली की मालाओं से हर घर रोशन हो गया। लोगों ने रात 6.45 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी का पूजन किया। कुछ घरों में तो देर रात तक पूजा के कार्यक्रम चलते रहे। पूरे जिले में दिवाली बेहद उल्लास के साथ मनाई गई।