पंचाचूली के बुग्यालों में शिकार के लिए पिछले एक महीने से लगाई जा रही आग अब गंभीर रूप धारण करने लगी है। आग से पंचाचूली की तलहटी में धुंध छा गई है। चोटियों तक भी धुंआ फैलने लगा है। वन विभाग के अधिकारी एक महीने से आग पर रोकथान और शिकारियों को पकड़ने की बात दोहरा रहे हैं लेकिन अब तक न तो आग बुझी है और न शिकारियों को ही पकड़ा जा सका है। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने वन विभाग को फिर से कड़े निर्देश जारी किए हैं कि तत्काल आग पर काबू पाने के लिए कदम उठाए जाएं। यदि इसके लिए पुलिस फोर्स की जरूरत पड़ेगी तो उपलब्ध करा दी जाएगी।
पंचाचूली के बुग्यालों में शिकार के लिए हर साल शिकारी दिसंबर से आग लगाना शुरू कर देते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात होने पर जंगली जानवर घाटियों की ओर रुख करते हैं। शिकारी आग लगाकर इन जानवरों को घेर लेते हैं और उनको मौत के घाट उतार देते हैं। इस बार यह हरकत कुछ ज्यादा ही सामने आ रही है। यह शिकारी कौन हैं और किन रास्तों से यह पंचाचूली के बुग्यालों में पहुंच जाते हैं इसकी जानकारी वन विभाग को नहीं रहती। एसडीएम ने फिर से आग लगने की घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। कहा है कि किसी को भी गैरकानूनी हरकत नहीं करने दी जाएगी। जो भी पकड़ में आएगा उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। वन रेंजर लवराज पांगती ने कहा कि वनकर्मियों की टीम मौके को भेज दी गई है।