हर बार की तरह इस बार भी पंचाचूली की तलहटी में शिकारियों ने आग लगा दी है। इस मौसम में ऊंची चोटियों पर हिमपात हो जाने के बाद जंगली जानवर घाटियों को उतरने लगते हैं। शिकारी जानवरों के आने वाले रास्ते में आग लगाकर उनको घेर लेते हैं और उनका शिकार करते हैं। यह बात अलग है कि कई वर्षों से चल रहे इस खेल में अब तक कोई शिकारी पकड़ में नहीं आया है। बृहस्पतिवार को पंचाचूली की तलहटी में धुआं उठने लगा था।
एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेज दिया है और यदि जंगली जानवरों के शिकार की मंशा से यह आग लगाई गई होगी तो तत्काल धरपकड़ करने के आदेश दिए गए हैं। पंचाचूली की तलहटी में पहुंचने में वन विभाग के कर्मचारियों को दो दिन का समय लग जाएगा। एसडीएम ने कहा है कि इस बार शिकारियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया गया है कि इस सीजन में ऊंची चोटियों में रहने वाले कस्तूरा मृग, मोनाल पक्षी, भालू, तेंदुआ, घुरड़, काकड़, खरगोश समेत अन्य जानवर ठंड से बचने के लिए घाटियों की ओर उतरते हैं। हर साल इस सीजन में पंचाचूली की तलहटी में आग लगने की घटना सामने आती है। पंचाचूली की इस तलहटी में कोई आबादी नहीं रहती। शिकारी ही इस आग को लगाते हैं।