गंगोलीहाट/अस्कोट (पिथौरागढ़)। गर्मी बढ़ने के साथ ही सीमांत के जंगलों में आग धधकने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। वन कार्मिकों के लोकसभा चुनाव की ड्यूटी में होने के चलते महकमे को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। गंगोलीहाट के जजौली नाग वन पंचायत में पांच हेक्टेयर जंगल में फैली आग को बुझाने में वन कर्मियों को आठ घंटे तक की मशक्कत करनी पड़ी।
आग लगने से सैकड़ों छोटे पेड़-पौधे और अन्य वनस्पति जलकर नष्ट हो गई है। वन क्षेत्राधिकार चंदा मेहरा ने बताया कि सूचना मिलते ही वन दरोगा शैलेंद्र बम और रितिका टम्टा के नेतृत्व में टीम को मौके पर भेजा गया। आग बुझाने में मनीषा चंद, लक्ष्मी, दिनेश कुमार, राहुल, किशन सिंह, पूरन सिंह बोरा, कमल सिंह, बिशन सिंह शामिल रहे।
इधर अस्कोट के कूटा, जमतड़ी, सिरतोली, बसोरा, खोलिया गांव, देवल, हिनकोट, गरखा आदि के जंगल दो दिन से धधक रहे हैं। क्षेत्र में चारों ओर धुंध फैली हुई है। इससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत हो रही है। वन क्षेत्राधिकारी बालम सिंह अलमिया ने बताया कि विभागीय टीम अलग-अलग क्षेत्रों में आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं।
मझेड़ा बस्तिया के जंगलों में लगी आग
चंपावत। जिले के मझेड़ा बस्तिया गांव के जंगलों की आग से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। आग लगने से आसमान में धुआं फैल गया है। आग इतनी भीषण थी कि लपटे आसमान की तरफ उठती रहीं। बुधवार दिन में मझेड़ा बस्तिया के जंगलों में अचानक आग की लपटे उठने लगी। आग धीरे-धीरे जंगल में फैलने लगी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से जंगलों में आग लगाने वाले की सूचना वन विभाग को देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगल से ही जीवन है। अगर इस तरह जंगल में आग लगती रही तो पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचेगा। पर्यावरण को नुकसान होने से मानवीय समस्या भी होंगे। संवाद
वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सभी मददगार बने : डीएम
काश्तकारों से खेतों में पराली नहीं जलाने की अपील की
चंपावत। जिले में वनाग्नि की घटनाओं के देखते हुए डीएम नवनीत पांडे ने सभी लोगों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में मददगार बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तापमान बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं और इस वर्ष अब तक कम वर्षा होने से यह दिक्कत और बढ़ रही है। इससे वनों में नमी की कमी होने के साथ ही प्राकृतिक जल स्रोत भी सूख गए हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि काश्तकार खेतों की पराली को अनावश्यक ना जलाएं। कहा कि कूड़ा जलाने से भी आग जंगलों तक पहुंच रही है इसीलिए कूड़े को भी ना जलाएं। उन्होंने कहा कि वन विभाग और अग्निशमन की टीम पूरी तत्परता से जंगल में लगी आग की रोकथाम करने में लगी है। इस कार्य में जनपद वासी उनका पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सबकी सहभागिता से ही वनों को आग से बचाया जा सकता है। संवाद