मुनस्यारी में खलिया बुग्याल के जंगल से उठता धुंआ और काली पड़ी पहाड़ी। स्रोत:वन विभाग
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पर्यटन नगरी की सुंदरता पर चार चांद लगाने वाले खलिया बुग्याल में आग लग गई। पूरे दिन बुग्याल का जंगल जलता रहा। यहां लगी भीषण आग से यहां मिलने वाले दुर्लभ राज्य पक्षी मोनाल, घुरड़-कांकड़ सहित अन्य वन्य जीवों के साथ ही नीले बुरांश और भोजपत्र के पेड़ों को खतरा पैदा हो गया है। कई पेड़ आग की भेंट चढ़ गए हैं। वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी रही लेकिन देर रात तक भी इस पर काबू नहीं पाया जा सका।
दरअसल खलिया बुग्याल दुर्लभ वन्य जीवों और पक्षियों का संसार है। इस बुग्याल के जंगल में दुर्लभ नीले बुरांश और भोजपत्र के पेड़ मौजूद हैं। बुधवार सुबह इस जंगल में आग लग गई। सूचना के बाद वन विभाग की टीम खलिया पहुंची और आग बुझाने में जुटी रही लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। यहां लगी आग से वन्य जीवों के अस्तित्व पर संकट के बादल गहरा गए हैं। नीले बुरांश, भोजपत्र के कई पेड़ भी आग की चपेट में आए हैं। खलिया बुग्याल में हर साल यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए 30 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। अब हालात यह हैं कि आग लगने से चारों तरफ बुग्याल काला नजर आ रहा है। रेंजर लवराज पांगती ने कहा कि टीम आग बुझाने के लिए भेजी गई है। जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा।