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डेढ़ करोड़ की योजना में सिर्फ एक दिन चला पानी

Mon, 20 Feb 2017 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)।
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योजना में सिर्फ एक दिन चला पानी - फोटो : अमर उजाला
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तुरगोली समेत अन्य गांवों में सिंचाई की सुविधा देने के लिए चार वर्ष पूर्व बनाई गई लिफ्ट सिंचाई योजना से सिर्फ एक दिन पानी चला। उसके बाद यह योजना ठप हो गई। 30 जून 2016 को आई आपदा के समय योजना का सारा ढांचा बह गया। तब से लेकर अब तक विभाग के किसी भी अधिकारी ने योजना का निरीक्षण तक नहीं किया।
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2013 में गांव के लोगों की मांग पर लघुडाल विभाग ने तुरगोली के पास बहने वाली चंद्रभागा नदी में 1.5 करोड़ रुपए की लागत से लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया। गांव के लोगों ने बताया कि जिस दिन योजना का लोकार्पण हुआ उस दिन तुरगोली, रिठायत, गैरा, बसौरा, अफरोड़ा, रछतिया गांव के खेतों में पानी जरूर पहुंचा। खेतों में पानी पहुंचने से गांव के लोग उत्साहित हो गए। अगले दिन ही लिफ्ट योजना के पंपों में खराबी आ गई और पानी चलना बंद हो गया।

उसके बाद लघु डाल योजना के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने योजना का निरीक्षण नहीं किया। गांव के लोगों ने कई बार लघु डाल योजना के अल्मोड़ा स्थित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अन्य स्टाफ से संपर्क साधा लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। गांव के लोगों ने अब जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा को पत्र भेजकर कहा है कि एक बार योजना का निरीक्षण कर दें और बंद पड़ी योजना को शुरू करवा दें। ताकि किसानों की 200 हेक्टेअर जमीन को पानी मिल सके। गांव के लोगों ने उम्मीद जताई है कि जिलाधिकारी जरूर इस मामले का संज्ञान लेंगे और समस्या का समाधान हो जाएगा। 
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दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
 किसान राम सिंह सामंत का कहना है कि धन का दुरुपयोग करने वालों की जांच होनी चाहिए। जब पानी ही नहीं चला तो डेढ़ करोड़ रुपए खर्च क्यों किए गए। उनका कहना है कि सिंचाई का लाभ न मिलने से फसलों के उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इस मामले में जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 


सरकार को खुद संज्ञान लेना चाहिए
 किसान जगदीश कन्याल का कहना है कि विभाग के किसी अधिकारी द्वारा योजना का निरीक्षण न करना बड़े संदेह को जन्म देता है। वह कहते हैं कि किसानों से जुड़े इतने बड़े मामले में सरकार को खुद संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को अपने स्तर से आवाज उठानी चाहिए। यह घोर अन्याय है।
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